Atonement of Words – IN Night & Pen / Inbox Love -8

एकदम रात का सन्नाटा, ध्यान से सुनो,
दिन के दबे सिसके बातों की प्रतिध्वनि;
कहीं ख्वाब जलने की तो कहीं उम्मीद सुलगने की गूँज !

उस दिन काफी खामोशी के बाद जब उसने कुछ सुना;
वक्त की झुंझलाहट शब्दों में उतर गयी उसके;
और … बात ; .. शब्दों में टूटे हुए मन को कैसे लिखा जा सकता;
इसे तो बस महसूस किया जा सकता;

प्रतिउत्तर सुनकर भर आया था दिल उसका,
जैसे कैसे उस भूल का प्रायश्चित कर दे ….
विह्वल मन कुछ प्रतिक्रिया कर खामोश हो गया !

और वो सोचता रहा, चंद शब्दों का हक तो हो सकता था,
या समझा जा सकता वक्त की झुंझलाहट को !

मन पुनः यथावत था कुछ हँसी बिखेरने की कोशिश में,
कुछ टूटे हुए लम्हों को जोड़ने में,
कैसे बिखेर दे यादें आखिर… कुछ भी या बस यही तो.. उसका निशानी बाँकी थी मेरे पास !
मैं इनबॉक्स में कुछ स्माइली उड़ेल कर खुद बीतते रात की तरह खामोश हो चला था !

SK in Night & Pen / इनबॉक्स लव !!

Post Author: Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज