My Voice Thoughts

लोकतंत्र का वोटतंत्र

आजादी के 70 साल बाद भी चुनाव का मुद्दा प्रलोभन है, कोई कर्ज माफ कर देगा, कोई मुफ्त में घर बैठे आय देगा, कोई फ्री डीजल कोई फ्री बीज फ्री गैस फ्री खाना फ्री नाली फ्री सड़क फ्री फ्री फ्री के वादे फ्री में फ्री हो जाते, नेता चुनाव के बाद फ्री हो जाते, जनता […]

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मैं रहूं या ना रहूं भारत ये रहना चाहिए …

कौन नहीं रो पड़े ४० घरों के चिराग बुझ गए ; वो सैनिक जो हमारे लिए धुप ठण्ड बरसात में भारत के हर भूभाग पर रेगिस्तान, पहाड़, नदी , जंगल कहीं भी खड़े रहने को तैयार रहते ; हमारे लिए हम होली दिवाली मनाये ; हम सुकून से सोये वो सीमा पर खड़े रहते ! […]

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लोकतंत्र के जंगल – Random Thought

लोकतंत्र के जंगल मे शेर की खाल पहन भेड़ियों का शासन है… यहाँ हर तरफ अराजकता ही अराजकता है मजदूर, छात्र, किसान, नौकरीपेशा, उद्यमी सब 70 साल से मूर्खों की मंडली की ओर आस टिकाये कब तक इस राजनैतिक दासता में रहेंगें, सड़क के गड्ढे से ले बैंक का ब्याज, आपके बच्चे के पेपर से […]

Bihar exam
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बिहार में परीक्षाकाल …..

आजकल परीक्षाकाल चल रहा हमारे राज्य में, कदाचार मुक्त परीक्षा हो पूरा प्रशासन लगा हुआ है । पुलिस, मजिस्ट्रेट, सीसीटीवी, वीडियोग्राफी, जाँच पड़ताल । ऑब्जेक्टिव सब्जेक्टिव OMR बिंदा गोला टिक टाक रोल कोड रोल नम्बर सब्जेक्ट कोड कुल मिला के विद्यार्थी पूरे दवाब में । परीक्षा को बस दवाब से कदाचार मुक्त कर शिक्षा में […]

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भीड़ और मौत के सन्नाटे के बीच ..

एक सविंधान के  रक्षक को भीड़ इसलिए मार देती की वो अपने कर्तव्य को निभा रहा था, भीड़ और मौत के सन्नाटे के बीच न कुछ सवाल है न जवाब , न पक्ष है न विपक्ष बस है तो मौत का सन्नाटा ! कौन है हत्यारा ये समाज जिसके मन में विष ही विष है नफरत का […]

Up election poem sattire
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यूपी का चुनाव-प्रचार

जनता की सेवा के लिए हो गया, पिता पुत्र में भी तकरार, ये है यूपी का चुनाव-प्रचार ! इधर के उधर गए, और उधर के नजाने किधर गए, मिल बैठे सब नदियों जैसे, धूल गए पुराने कर्म और विचार, ये है यूपी का चुनाव-प्रचार ! घी-तेल सब चुपड़े खायेंगे, अब कोई क्यों करे व्यापार, माटी […]