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Indian festival diwali

त्यौहारों का एकाकीपन

त्यौहारों का एकाकीपन – दीवाली ऐसे बड़े पर्व पर बड़े घर और सिमटते परिवार में लोग, पर्व के उल्लास को कम कर रहे । अधिकांश परिवारों में घर के कई सदस्यों का अपने मूल शहर से दूर रहना त्योहारों पर उनका न आ पाना मन को टिस देता है । बचपन से हर साल दीवाली […]

DreamCatcher’s

ड्रीमकैचर्स – 2 लटका दिए है अब ये मेरे लिए सपने पकड़ेंगे, कुछ दिनों से सपनों को देखने का सिलसिला जैसे बंद सा पड़ा हुआ है, सपनों के बिना रात ही नहीं जिंदगी भी सपाट सी लगती , जैसे बिना चाँद तारों के आसमान की कल्पना कीजिये, दूर दूर तक सब कुछ सपाट काला अँधेरा, […]

Unmet Friend – Love in December !

जहाँ कोई संवाद नहीं है वहाँ कौन सी संवेदना है जो जोड़ती है दो अनजान कृत्रिम आयाम में दो शख्सों को ! एक दिन अखबार में पढ़ा दूर दूर सुदूर ग्रहों पर हम नहीं जा सकते क्योंकि जाने में 200 – 300 साल और उतनी हमारे पास सांसें नहीं ! पर जाने की रफ्तार प्रकाश […]

#Bihar Needs Reverse Migration – नादान परिंदे घर आजा !

दीवाली और छठ त्यौहार बिहार की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करते । नेताओं से लेके न्यूज चैनल तक ने खूब ब्रांडिंग भी की गाने बजाए, फेसबुक व्हाट्सएप्प ऑडियो वीडियो सब जगह इस पर्व में बिहार ही बिहार दिखता । पर हर त्यौहार का वर्ष एक टीस लेके आता अपनों से हर वर्ष नहीं मिलने का […]

Summer - Eco Tourism

गर्मियाँ – बच्चों का इको टूरिज्म !

शायद मैं या मेरे समकक्ष उम्र के लोग उस पीढ़ी से आते है जिसने लालटेन के नीचे शाम को पैर हाथ धो के गोल घेरे में सामूहिक पढ़ाई की होगी । क्रमशः इसके बाद कि पीढ़ी बदल गयी सम्भवतः वो कभी लालटेन में नहीं पढ़ेंगे । जिन्दगी के अनेकों ऐसे आयमों को वो किस्से कहानियों […]

संजय उवाच – भारत बंद !

धृतराष्ट्र संजय से – क्या हो रहा हस्तिनापुर में ; महाराज बुलेट ट्रेन की चाह रखने वाले ; पटरी उखाड़ ले गए । आज भारतवर्ष बंद था तो महाभारत का डेमो सड़क पर प्रदर्शित किया गया , लोकतंत्र की रक्षा के लिए गाड़ी जलाए गए, संविधान बनाने वाले के नाम का नारा लगाके खूब संविधान […]