Category Archives: Digital Corner

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I Dream of a Digital India

डिजिटल इंडिया क्या एक नारा, स्लोगन, योजना या वादा मात्र है या फेसबुक पर अपने तस्वीर को तीन रंगों में रंग लेने का चलन या एक विरोध मात्र की हम फेसबुक के एक प्रोजेक्ट को वोट कर रहे ! ऐसे ही तमाम अटकलों उपक्रमों के बीच पनप रहा है भारत का डिजिटल ड्रीम ; आप चाहे या न चाहे माने या न माने इंटरनेट ने पिछले 10 साल में भारत के युवाओं को एक नई राह दी है एक नई सोच दी है ; उनके सोच को एक नई आजादी दी तो अभिव्यक्ति को नई उड़ान ! पर ये डिजिटल चंद लोगों तक या चंद शहरों तक ही न रह जाए इसके लिए एक सरकारी प्रयास है डिजिटल इंडिया ; क्या इंडिया को डिजिटल बनाना केवल सरकार का दायित्व है ; बिल्डिंग कपड़े कार मोबाइल सब हमें चाहिए ब्रांडेड अपनी पसंद का और देश स्मार्ट या डिजिटल नहीं चाहिए ? समाज या लोग क्या डिजिटल न हो ?

डिजिटल इंडिया हमारी जिम्मेदारी है – हम सब के छोटे से छोटे पहल से हम डिजिटल इंडिया में सहयोग कर सकते ; कैसे ?
१. अपने आस पास लोगों को खासकर बच्चों और युवाओं को समाज को डिजिटल होने के फायदे बतायें !
२. अपने घर में सभी लोगों को इंटरनेट और कंप्यूटर उपयोग करना सिखायें !
३. जिन लोगों तक कंप्यूटर और इंटरनेट की पहुँच नहीं है ऐसे कुछ लोगों की मदद के लिए आगे आयें उन्हें शिक्षित करने का प्रयास करें !
४. अपने गांव / शहर में अनेकों डिजिटल कार्यक्रम की चर्चा करें (मोबाइल, इंटरनेट, वेबसाइट, नेट बैंकिंग, किसान बीमा, किसान योजना आदि योजनाओं की चर्चा करें)
५. डिजिटल इंडिया के प्रचार में सरकार का सहयोग करें ; सुझाव दें, अपनी भागीदारी बनायें !
६. अपने कार्यों का डिजिटलीकरण करें, या दूसरों को सुझाव दें ! (जैसे वेबसाइट, ईमेल, सोशल मीडिया, क्लाउड स्टोरेज जैसे सुविधाओं का उपयोग)
७. डिजिटल मीडिया में कार्यरत मित्र ; लोगों को प्रेरित कर सकते डिजिटल उपयोगिता की ओर बढ़ने के लिए !

एक प्रसंग : कुछ दिन पूर्व एक परिचित जिन्होंने कभी इंटरनेट बैंकिंग इस्तेमाल नहीं किया था ; उन्होंने पूछा की क्या कर सकते इससे नेट बैंकिंग से ; मैंने उनको बताया की अपने अकाउंट को आप इंटरनेट के माध्यम से उपयोग कर सकते थोड़ा कुछ उदाहरण के साथ बताना पड़ा जैसे आप अपने बच्चों को हर महीनें दूसरे शहर में पैसे भेजते ; बैंक से निकालते, दूसरे बैंक जाते जमा कराते आपका पूरा दिन बर्बाद ; आप नेट बैंकिंग से फण्ड ट्रांसफर तुरंत ही कर सकते ! बिजली बिल, टेलीफ़ोन बिल, मोबाइल रिचार्ज, बीमा प्रीमियम सब घर बैठे कर सकते ! बैंक खाते का विवरण, फिक्स्ड डिपाजिट, रेकरिंग जैसी सारी सुविधाएँ मौजूद है ! इंटरनेट के इस उपयोग से वो प्रभावित हुए ; इस तरह देखें तो इंटरनेट, तकनीक, कंप्यूटर की पहुँच को आम लोगों तक आने में और आम जीवन में सम्मिलित होने में एक लम्बा सफर तय करना है लेकिन हम लोगों के बीच इसके फायदे बता के इसको रफ़्तार दें सकते !

I Dream of a Digital India

I Dream of a Digital India

डिजिटल होने के कई मायने है कई फायदे है जैसे :-

१. ब्रिक & मोर्टार : विकास के सफर में सेवा, उद्योग, व्यवसाय ने काफी तरक्की की लेकिन भौतिक रूप से विद्यमान होने की एक सीमा है बढ़ती जनसंख्या का दवाब पुरानी तकनीक पर बोझ बनाता जा रहा है, परंपरागत पद्धत्ति की इस सीमा का हल है डिजिटल होना ! उदाहरण से समझे तो ” हर जिले में एक कार्यालय खोला गया म्युनिसिपैलिटी कर जमा करने के लिए, अब बढ़ते जनसंख्या से रोज भीड़ लम्बी लाइन, उपाय बिल्डिंग को बड़ा करना, विभाग का विस्तार लेकिन नए डिजिटल तकनीक से इसको इंटरनेट से जोड़ के उसी सिमित जगह से अनेकों लोगों को सेवा दी जा सकती !

२. ऑनलाइन उपलब्धता : कभी किसी चीज की जानकारी हम चाहते और वो ऑनलाइन नहीं मिलता, फिर उस विभाग की ओर लम्बी दौड़ ; इसके लिए आवश्यक है की सूचनाओं की उपलब्धता ऑनलाइन हो सब जरुरत के हिसाब से इसका उपयोग कर सकते ! मेरे डिजिटल मित्र इस शब्द को digital presence से बेहतर समझ पायें !

३. भौतिक संसाधन का बचाव – पुरानी पद्धति में नए नए भवन, भूमि और कई तरह के भौतिक संसाधन की जरुरत पड़ेगी, डिजिटल इन सब चीजों का बचाव करेगा ! अब आप एक छोटे से कार्य के लिए परिवहन का उपयोग करके हजारों लोग लाइन में खड़े होते इनसे भौतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग होता ; डिजिटल माध्यम से इनका संरक्षण होगा !

४. समय – डिजिटल माध्यम हमारे समय का बचाव करेगा जिससे हमारी देश की रचनात्मकता बढ़ेगी !

५. भ्र्ष्टाचार पर अंकुश – डिजिटल माध्यम में देश के हर कार्यों का रूपांतरण ; भ्र्ष्टाचार को जड़ से खत्म कर देगा , लोग सजग बनेंगे जागरूकता आएगी !

६. रोजगारपरक – डिजिटल रूपांतरण के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर बनेंगे और पलायन किये बिना अपने शहर और गांंव में ही रोजगार का सृजन हो सकता !

७. रियल टाइम डेवलपमेंट – हमारी अर्थव्यस्था सुदृढ़ होगी वो भी रियल टाइम ; जैसे – किसान के उत्पादन का अगर आँकड़ा एक साथ रियल टाइम डिजिटल माध्यम से सरकार तक पहुँच जाए तो सरकार मूल्य वृद्धि और मांग पूर्ति के बीच तालमेल को बेहतर तरीके से नियोजित कर सकती !

चुनौतियां और प्रयास डिजिटल संरचना के लिए :-

१. इंटरनेट सुलभ, सर्वत्र हो ! उचित मूल्य पर इंटरनेट सुविधाओं का वितरण आवश्यक है !

२. डिजिटल शिक्षा – Digital literacy : डिजिटल शिक्षा की आवश्यकता बहुत है डिजिटल इंडिया बनाने में ; शिक्षा पाठ्यक्रम में इसका समावेश जरुरी है ! जो बच्चे अपने स्कूली शिक्षा से डिजिटल टेक्नोलॉजी के महत्व को समझेंगे, वो आगे चल अपने कार्यों में सफलतापूर्वक इसका व्यापक उपयोग भी करेगें !

३. Digital Awareness – लोगों तक डिजिटल माध्यमों का प्रचार प्रसार हो; जन जन तक इसकी अहमियत को जब तक नहीं समझाया जायेगा ; इसे थोप कर सफल नहीं बनाया जा सकता !

४. परम्परागत व्यस्था से तालमेल – हमारा देश अभी परम्परागत व्वयस्थाओं पर चल रही, त्वरित नयी तकनीक के समायोजन से वर्तमान कामकाज में अव्यवस्था उतपन्न हो सकती इसके लिए हर विभाग में पूर्व कार्यरत लोगों पहले निपुण करना और धीरे धीरे इस व्यवस्था को प्रतिस्थापित करना होगा ; नए दक्ष लोगों का समान रूप से समावेश से एक बेहतर तालमेल का निर्माण जरुरी है !

डिजिटल इंडिया को हम जिम्मेदारी के रूप में लें और अपनी भूमिका निभायें ; डिजिटल होने मात्र से सभी समस्याओं का हल नहीं हो जायेगा ! हमें डिजिटल माध्यम और डिजिटल संसाधनों का उपयोग संयम और सूझबूझ से करना होगा ! वर्तमान परदृश्य में हैश टैग वार में शामिल हो हम अपने देश के ऑनलाइन रेपुटेशन का मजाक उड़ा रहे ! विचारवान बने ; तर्कपूर्ण विश्लेषण और विरोध भी करें लेकिन मर्यादा की सीमा का स्वंय अवलोकन करें !

मैं डिजिटल इंडिया से आशान्वित हूँ ; देश को नया आयाम मिलेगा !

एक डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल के अपने विचार – सुजीत कुमार

विन्डो से मैक तक का सफर वंडरलैंड से !!

पूरी तरह याद है करीब डेढ़ दशक पहले का वो दिन जब स्कूल में कंप्यूटर की पहली कलास; ऊपर जाके ठीक लाइब्रेरी के बगल में शांत एकांत सा कमरा जिसपर लम्बा मजबूत ताला लटका “संगणक कक्ष” .. कृपया जूते उतारकर अंदर प्रवेश करे। अंदर जैसे विज्ञानं के अनूठे अविष्कार की प्रयोगशाला, एक कौतुहल और जिज्ञासा चरम पर ! पूरी तरह सुसज्जित महँगे कवर से ढँका कंप्यूटर .. पुराने जमाने में कंप्यूटर का रख रखाव सहज नहीं था .. वतानुकलित, धूल मिट्टी से बचाव काफी हिफाजत और शिक्षक की हिदायत के बीच रखा जाता था इसे !

काफी कौतुहल से भरा होता था कंप्यूटर कलास ; याद है डॉस की काली स्क्रीन पर कमांडों की छेड़ छाड़ ; फिर अगले वर्ष “बेसिक” पर १० ..२० .. ३० .. ४० .. के क्रम में प्रोग्राम का लिखना .. फिर “लोगो” का टर्टल जो हमारे इशारों पर चित्र बनाता था ! कुछ वर्षों की मेहनत के बाद देखने को मिला था विंडो स्क्रीन जिसमे माउस .. सिंगल क्लिक .. डबल क्लिक से सब संचालित था ! पेंट ब्रश .. पॉवरपॉइंट पर वो तस्वीरों और अपने नामों के साथ स्लाइड का घूमना .. और इस तरह विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम का सफर फिर छूटा नहीं .. स्कूल से ऑफिस तक अनवरत चलता ही रहा !

विंडो कंप्यूटर डेस्कटॉप से लैपटॉप एक अनूठा ही सफर है टेक संसार में ; याद है वो पेंटियम थ्री का वो पुराना कंप्यूटर कब डब्बा ; बार बार उसके पार्ट पुर्जे हिल जाते थे ! उसका ढक्क्न खोल के ही रखा था ; जब चाहा हाथ लगा दिया, हर इतवार छुट्टी का तो उस डब्बे की फॉर्मेटिकरण में बीत जाता था ! फिर इसी तरह राजधानी वंडरलैंड में रोजगार की शुरुवात विंडो कंप्यूटर से नाता गहरा होता गया ! पापा ने किसी छुट्टी में घर जाने पर कहा लैपटॉप ले लो ; जब अब पढ़ाई लिखाई सब इसी पर तो आगे बढ़ने के लिए यही जरुरी चीज हुई ! समझो किताबों की जगह इसने ले ली ! फिर अपना लैपटॉप अपने हाथ था ! आदत रही अपना मतलब अपना कोई साझेदारी नहीं ! अपना ब्राउज़र , सेटिंग, वॉलपेपर सब मेरे पसंद की चीजे अपने नियत जगह पर ! किसी के हाथों में कीबोर्ड के बटन को निर्ममता से पीटना जैसे चोट मुझे लग रही हो !

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फिर ये लैपटॉप तो जिंदगी का हिस्सा बन गया ; MCA के सारे सेमेस्टरों का असाइनमेंट, प्रोजेक्ट कितना साथ दिया इसने ! वो सुबह तक C , C ++ के प्रोग्रामों से अंतिम त्रुटी के हल न होने तक लड़ते रहना ; शायद जुझारू बना दिया था इसने मुझे; एक छोटे शहर से आया वाकिफ नहीं था दुनिया के कई रंगों से ; इंटरनेट और निरंतर सीखने की इच्छा ने एक अलग ही इन्सान को अपने अंदर बनते देखा ; एक अलग पहचान टेक सेवी होने की ! स्कूल के संगणक कक्ष में वो बैठा बच्चा विज्ञान की इस दुनिया में अपनी उड़ान भर रहा था !

स्कूल में घंटो कविता की किताबों में खोया रहने वाला मैं, लम्बे लम्बे भारी शब्दों को अपने निबंध में लिखने के लिए मिले कई प्रमाण पत्र; पता नहीं कहाँ खो गए थे रोजमर्रा की आपाधापी ने ; पर शब्दों का प्यार मरता नहीं ; आखिर लैपटॉप ने शब्दों से मेरा प्यार वापस कर दिया ; टूटे फूटे लरखराते शब्दों से शुरू अपना सफर शब्दों का जिंदगी के साथ चलता रहा; कितने जिंदगी के रंगों को समेट कर लाता और उकेड़ देता अपनी कविताओं में ; कुछ लोगों ने कवि कहके सम्बोधित किया ; पर बस जिंदगी का फलसफां लिखता रहा.. पल पल को जीता रहा और कुछ कुछ लिखता रहा ; विंडो के इस कृत्रिम आविष्कार ने मुझे इंसान बना दिया ; जो जिंदगी को एक नये आयाम से देखता, आधुनिक दुनिया से रूबरू होता समझता सीखता और आगे बढ़ता !

अपने लैपटॉप से एक नाता सा रहा ; जैसे वो संगी साथी हो कितने वर्षों का जो मुझे समझता आ रहा, गमगीन होता उसपर अपने गमों को व्यक्त किया, ये मेरे वंडरलैंड का ऐसा साथी जिसने हर हमेशा आगे बढ़ने की हिम्मत दी ; कुछ नया करने की नसीहत दी ! वो होली दिवाली की पुरानी तस्वीरें, घर की याद, दोस्तों का प्यार सब कैद रखा है इसमें !

विंडो कंप्यूटर के कई वर्षों के सफर के बाद . . मैकबुक किसी दूसरी दुनिया की यंत्र की तरह प्रतीत हुआ; एक ऊँगली की क्लिक, दो ऊँगली का जेस्चर, तीन ऊँगली से ड्रैग सेलेक्ट ; कुछ अलग सा सजा डेस्कटॉप अरे मेरा “माय कंप्यूटर” भी नहीं रहा ; एक प्रथम कक्षा के बच्चे की तरह सीखना शुरू किया ; जल्दी ही निपुणता को प्राप्त कर लूँगा ; भविष्य में कल कई चीजे इस विज्ञानं के मायानगरी में देखने को मिलेगी ! तब तक सीखते रहिये, आगे बढ़ते रहिये; मैं भी सीख रहा ! जय विज्ञानं !!

~ सुजीत ( डिजिटल दुनिया से )

Write Hindi Online – हिंदी में लिखे ?

ऑनलाइन हिंदी में लिखे .. !!

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हिन्दी कैसे लिखे .. (डेस्कटॉप, लेपटॉप, मोबाइल, टेब्लेट उपकरण के लिये)

#१. ऑनलाइन गूगल वेबसाइट : आप किसी भी ब्राउजर में जाके इस लिंक के माध्यम से हिन्दी लिख सकते !

लिंक : http://www.google.com/inputtools/try/

आप बस अपने इच्छानुसार इंग्लिश कीबोर्ड से टाइप करे, स्वत: यह आपके शब्द हिन्दी में रूपांतरित हो जायेंगें !

#२. क्रोम ब्राउजर एक्सटेंशन :

लिंक : https://chrome.google.com/webstore/detail/google-input-tools/mclkkofklkfljcocdinagocijmpgbhab

डाउनलोड कर ले क्रोम ब्राउजर में और आप इसे सुविधानुसार उपयोग कर सकते है !

#३. सॉफ्टवेर विंडोज के लिये :  विंडोज में डाउनलोड करे और बिना किसी ऑनलाइन सहायता के, ऑफलाइन मोड में भी नोटपेड या वर्ड में भी हिंदी लिखे !

लिंक : http://www.google.com/inputtools/windows/

#४. एंड्रोइड मोबाइल एवं टेब्लेट : आप गूगल प्ले स्टोर में जाकर, गूगल हिंदी सर्च करके ये एप डाल सकते, और हिंदी टाइप कर सकते !

लिंक : https://play.google.com/store/search?q=id%3Acom.google.android.*inputmethod&hl=en