Thoughts Work & Life

A Thank You Note !!

कार्यस्थल भी एक परिवार है ! हम अपने जिंदगी में कितना वक़्त कार्यस्थल पर व्यतीत करते ; मेट्रो शहर में एक ही तो धुन होती सुबह उठ के कार्यस्थल की ओर ; पूरा दिन ; दोपहर ढलती शाम और घिरती रात तक अपना जीवन व्यतीत करते ; कार्यस्थल जीवन का अभिन्न अंग बन जाता इसे […]

meet with yourself
Thoughts Work & Life

कभी रूबरू हो खुद से – A walk on night, a great meet with yourself !

कितनी आपाधापी है ना ; रेत की तरह फिसलती उम्र ; जद्दोजहत में सजते संवरते बिखरते सपने ; कभी रुकते से कदम तो कभी भागता मन ! ये सब हमारे जीवन का हिस्सा है ! इन सब आपाधापी में खुद से रूबरू होना हम भूल जाते ; कभी टटोलिये अपने मन को कितनी गांठें पड़ी […]

Digital Corner Thoughts Work & Life

विन्डो से मैक तक का सफर वंडरलैंड से !!

पूरी तरह याद है करीब डेढ़ दशक पहले का वो दिन जब स्कूल में कंप्यूटर की पहली कलास; ऊपर जाके ठीक लाइब्रेरी के बगल में शांत एकांत सा कमरा जिसपर लम्बा मजबूत ताला लटका “संगणक कक्ष” .. कृपया जूते उतारकर अंदर प्रवेश करे। अंदर जैसे विज्ञानं के अनूठे अविष्कार की प्रयोगशाला, एक कौतुहल और जिज्ञासा […]

Thoughts Work & Life

वंडरलैंड से – Every Morning Wake-up For Your Work Not Just For ur Job !

वंडरलैंड ये अंग्रेजी शब्द जो मुझे इस शहर में चलायमान रखता; अध्भुत है चकाचौंध इस शहर की, गाँव के सपने लेके यहाँ प्रवेश कठिन था .. सपने देखने से ज्यादा, सपने पुरे करनी की कीमत कहीं ज्यादा है ! बड़ी गाडियाँ भागती बसें .. अजीब भाषा भूषा वेश परिवेश ! फिर सामंजस्य बिठाते रहे और […]