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Videos & Cinema

गुरुदत्त – हिंदी सिनेमा का एक कवि …

उसकी जिंदगी में कशमकश था, नाम शोहरत पैसा भी जिसके लिए बेमानी था । वो प्यासा रहा जिंदगी भर प्यार के लिए, रिश्तों के लिए, अपने जूनून को लोगों तक पहुँचाने के लिए । कहते है महान कलाकृति और कला को असली पहचान मौत के बाद ही  मिलती। जिसे हम नकार देते नजरों के सामने […]

vacant way of life
Poetry

निर्वात पथ पर ….

निर्वात पथ पर अब संवाद नहीं ; व्यर्थ वक़्त का तिरस्कार नहीं ! शून्य सफर पर अब श्रृंगार ही क्या ? विचलित पथ का उपहास ही क्या ? मौन पड़े इस प्राँगण में ; कुछ खींचनी फिर रंगोली है ! शाम होती गोधूलि पर ; रात फिर नई नवेली है ! मंजिल की तैयारी पर […]

Thoughts Work & Life

A Thank You Note !!

कार्यस्थल भी एक परिवार है ! हम अपने जिंदगी में कितना वक़्त कार्यस्थल पर व्यतीत करते ; मेट्रो शहर में एक ही तो धुन होती सुबह उठ के कार्यस्थल की ओर ; पूरा दिन ; दोपहर ढलती शाम और घिरती रात तक अपना जीवन व्यतीत करते ; कार्यस्थल जीवन का अभिन्न अंग बन जाता इसे […]

Life Stopped Poetry
Poetry

थम गये हैं ..

थम गये हैं हम और तुम भी ; नहीं थमा ये वक़्त का पहिया ; चलता रहा दुर जाता रहा ; अब सफर के दो दिशाओं में ; मुमकिन न होगा मिलना ! पैगामों की आवाजाही भी बंद है, न ही अब खतों के पुर्जे उड़ा करते, हवायें मतवाली सी हो उठती तो, खिड़की की […]

Night & Pen Poetry

Atonement of Words – IN Night & Pen / Inbox Love -8

एकदम रात का सन्नाटा, ध्यान से सुनो, दिन के दबे सिसके बातों की प्रतिध्वनि; कहीं ख्वाब जलने की तो कहीं उम्मीद सुलगने की गूँज ! उस दिन काफी खामोशी के बाद जब उसने कुछ सुना; वक्त की झुंझलाहट शब्दों में उतर गयी उसके; और … बात ; .. शब्दों में टूटे हुए मन को कैसे […]

path in dark life
Poetry

तमस में होता द्वार कहीं…

विरह वियोग संयोग है ; कुछ ऐसा ये तो रोग है ! मृग मारिचका सा क्षण है ; भ्रम टूटे बस ऐसा प्रयत्न है ! यतार्थ थे तो पास भी थे ; कृत्रिम पर अधिकार नहीं ! मन चंचल निष्प्राण हो गए ; जीते जी पाषाण हो गए ! आहट पर सुध नहीं होती ; […]