morning and night poem
Poetry

रात और सुबह

रात अकेली है रो लो, गिरा लो आँसू कोरो से, बस सुबह जब निकलों, इस तरह की बनावट ले निकलना, चेहरों पर ; न शिकन ही रहे कोई न बचे कोई निशां चेहरे पर बीती रात के ग़मों की ; क्योंकि …. ये सुबह अकेला नहीं भीड़ है यहाँ, और इस भीड़ के कंधे नहीं […]

Love Two Liners Poetry By Sujit
Poetry Two Liners

इश्क़ – 5

अजब कशमकश में घेर लेती ये जिक्र तेरी, हर कोशिश मेरी दूर जाने की कुछ काम ना आती ! #इश्क़ अलविदा से किसी और जहाँ में रह, मैं फिर भी तेरी रोज खबर रखता हूँ । #इश्क़   खामोशी के मायूसी में उसे ढलते देखा, आज किसी इंतजार में उसे जलते देखा । #इश्क़ थोड़ा […]

respectful relationships poem
Poetry

बेअदब अदब रिश्ते …

वो रिश्ते जो अबूझ थे अच्छे थे, ठूठ पेड़ की तरह, न कोई हलचल थी, न कोई हवाएँ और न ही बढ़ते वो किसी की तरफ, बिना पहचान के खड़े रहते आमने सामने, ख़ामोशी से एक अदब का रिश्ता निभाते ! ये हरियाली लताओं सा रिश्ता, लिपटते मिलते, फिर बढ़ जाते गले की ओर, घुटन […]

Rain & Poetry
Poetry

सावन यूँ ही उतरा है आँगन में

बारिश से भींगे ये रास्ते, चहलकदमी के निशान, पत्तों पर फिसलती बूंदे, उथले उथले गड्ढों में पानी, सूखे पत्ते कीचड़ से सने हुए, आसमान में मेघों का झुंड, रुक रुक कर होती ये बरसात ! कागज की नाव, भींगने का मन, सावन यूँ ही उतरा है आँगन में । #SK  

Love Two Liners Poetry By Sujit
Poetry Two Liners

इश्क़ – 4

इश्क़ के कुछ रंग ऐसे भी .. इस आदतन ख़ामोशी की वजह इतनी है, तुझे कुछ कहके दिल अपना दुखा लेता । #यूँही #Ishq बस चिट्ठियों को मिले मुक्कमल पता, लिखने से कब गुरेज रखा किसने ! तेरी यादों के साथ जो सुबह हुई, उसमें उजाले बहुत है … #इश्क बेवजह जो हरपल फ़िक्र करता […]

Love Two Liners Poetry By Sujit
Poetry Two Liners

इश्क़ – 3

इश्क़ के कुछ रंग ऐसे भी .. रूठ के कुछ दूर है जाता, जो इश्क़ न होता तो, वो न लौट के आता ! #इश्क़ उसे मनाना नहीं आता, मुझे मनाने की कोशिश में, वो खुद ही रूठ जाता । #इश्क़ मेरी नजर पड़ी … उसकी नजर झुक गयी, मेरी नजर पड़ी … वो हया में […]