Night & Pen Poetry

In Search of Orion …

कभी कभी छत की ऊपरी मंजिल पर जाता हूँ, नितांत रात में निहारने आकाश को, इस भागदौड़ में भूल जाता हूँ प्रकृति के इस अजूबे को बचपन से जो नहीं बदला अब तक मैं ढूंढ लेता हूँ डमरू जैसे ओरियन को । जब मास्टर जी ने बताया था तुम्हारे बारे में, बचपन में उस दिन […]

New Year New Me 2018
Life Events My Living Poetry

नया वर्ष है नया सवेरा ..

नया साल जैसे आपको ये महसूस होता की चलो एक पुराना लम्हा था खत्म हुआ ; अब एक नई उम्मीद है पुराने साल की कुछ अनचाही चीजें लगती इस साल ठीक हो जाएगी ! एक पूरा नया सजा सजाया बिना परेशानियों का सब कुछ बदल देने वाला एक नया वर्ष जैसे सामने हो और मन […]

winter poem
Poetry

धुंध में अजनबी

धुंध के दोनों पार बैठे हम वहम भी है होने का और नहीं भी तुम भी बोलते कभी कभी कभी कभी कुछ मैं भी कहता हूँ धुंध में खोये दो अजनबी से ओस की चादर के उस ओर से इस पार खींच पाता तो एक गर्माहट सी होती रिश्तों की ! ये धुंध भी न […]

vartalaap hindi poem
Poetry

वार्तालाप ….

वार्तालाप बस दिनचर्या की तरह, जैसे अधूरी ख्वाहिशों की सेज हो, कोई समझौते की बंदिश है इसपर, या शब्दविहीन तल्खी हो कोई अंदर ! रोज खिड़की से दिखती सुबह, और झुरमुटों में डूब जाती शाम, बिना कुछ बातों के कैद सी है अनकहे बातों की लम्बी दास्तान ! वार्तालाप विहीन बीतते दिनों को, इंतजार है […]

Life Obstacles Poem
Poetry

जीवन संघर्ष से कैसा डर …

नियति पर नियंत्रण नहीं, परिस्थितियों का मौन आवरण, क्यों मन तू होता आकुल ? व्यर्थ के चिंता से व्याकुल ! तू पार्थ सा संग्राम में, नियति को दे आमंत्रण, चुनौती को दे निमंत्रण, विपरीत समय पर प्रतीक्षा कर, मिथक तोड़ तू आगे बढ़, मनुज तो ऐसा चिंतन कर, आशंका से अब तू निकल, जीवन संघर्ष […]

come back love
Poetry

तुम आओ लौट के …

तुम आओ लौट के, देखो सिलवटें बिछावन की, वैसी ही है अब भी । बिखरे बिखरे से पड़े है, सारे सामान मेरे तुम्हारे । देखो हरतरफ हरजगह की, सब चीजेँ मुँह ताकती सी । सुने परे सारे गलियारें, कान लगाए है दीवारों पर, पायलों की छन की ताक में । हर वो बिंदी वहीँ है […]