Rain & Poetry
Poetry

सावन यूँ ही उतरा है आँगन में

बारिश से भींगे ये रास्ते, चहलकदमी के निशान, पत्तों पर फिसलती बूंदे, उथले उथले गड्ढों में पानी, सूखे पत्ते कीचड़ से सने हुए, आसमान में मेघों का झुंड, रुक रुक कर होती ये बरसात ! कागज की नाव, भींगने का मन, सावन यूँ ही उतरा है आँगन में । #SK  

Love Two Liners Poetry By Sujit
Poetry Two Liners

इश्क़ – 4

इश्क़ के कुछ रंग ऐसे भी .. इस आदतन ख़ामोशी की वजह इतनी है, तुझे कुछ कहके दिल अपना दुखा लेता । #यूँही #Ishq बस चिट्ठियों को मिले मुक्कमल पता, लिखने से कब गुरेज रखा किसने ! तेरी यादों के साथ जो सुबह हुई, उसमें उजाले बहुत है … #इश्क बेवजह जो हरपल फ़िक्र करता […]

Love Two Liners Poetry By Sujit
Poetry Two Liners

इश्क़ – 3

इश्क़ के कुछ रंग ऐसे भी .. रूठ के कुछ दूर है जाता, जो इश्क़ न होता तो, वो न लौट के आता ! #इश्क़ उसे मनाना नहीं आता, मुझे मनाने की कोशिश में, वो खुद ही रूठ जाता । #इश्क़ मेरी नजर पड़ी … उसकी नजर झुक गयी, मेरी नजर पड़ी … वो हया में […]

Love Two Liners Poetry By Sujit
Poetry Two Liners

इश्क़ – 2

इश्क़ के कुछ रंग ऐसे भी .. आओ रूठे से चेहरे को मनायें, इश्क़ है तो वो गिला भी करेगा । #इश्क़ इश्क़ आँखों से कैसे छलके, पेशानी पर शिकन की दरारों में, ये कहीं गुम सी हो जाती ! ! #इश्क़ मेरे सफर की उलझनों में तुम साथ हो, मेरे कदम को अब क्या मुश्किलें […]

Love Two Liners Poetry By Sujit
Poetry Two Liners

इश्क़ – 1

इश्क़ के कुछ रंग ऐसे भी .. वो सुई धागों में उलझी उलझी कहीं, कुछ नए रिश्तों में टाँके लगा रही थी !! #इश्क़ पायलों को नहीं है तहजीब का असर, तुम पांवों को कहो आहिस्ता से चले । #इश्क़ बहुत ही कर ली हमसे शिकायतें तुमने, थोड़ा इस वक़्त को भी दोष दो दूरियों का […]

Photography Poetry

रात और चाँद

रात के तमाम पहर में वो चाँद अकेला रहा, कोई सिरफिरा आता तो लैम्पपोस्ट पर चढ़ चाँद से दो बातें कर लेता । तमाम रात उसे कुछ बादलों ने घेरे रखा, न कुछ बात छेड़ी न ही साथ छोड़ा, ऐसे जैसे लोगों के भीड़ में, नीचे जमीं पर इंसान अकेला होता । चाँद ने भी […]