Night & Pen by Sujit
Night & Pen

जिंदगी और किताब – Night & Pen

ऐसे ही बात शुरू हुई जिंदगी और किताब की … सब कुछ कहीं न कहीं सोचा गया होगा, या कोई किताब होगी जिन्दगी की किताब जिसमें लिखा होगा कौन किसके जिन्दगी में कितना अपना किरदार निभाएगा और कैसा किरदार ! ये वक़्त, बातें, सब के अपने पन्ने होते होगे ! पन्ने उलटते ही किसी का किरदार […]

Night & Pen Poetry

Atonement of Words – IN Night & Pen / Inbox Love -8

एकदम रात का सन्नाटा, ध्यान से सुनो, दिन के दबे सिसके बातों की प्रतिध्वनि; कहीं ख्वाब जलने की तो कहीं उम्मीद सुलगने की गूँज ! उस दिन काफी खामोशी के बाद जब उसने कुछ सुना; वक्त की झुंझलाहट शब्दों में उतर गयी उसके; और … बात ; .. शब्दों में टूटे हुए मन को कैसे […]

Night & Pen Random Thoughts Thoughts

बोझिल शाम से सुकूने रात – पुरानी जीन्स के संग !!

बोझिल शाम से सुकूने रात और पुरानी जीन्स का सफ़र कुछ इस तरह है की … रोज ही ये सफ़र शुरू होता और रोज ही हमें चलते इस तरह जब मन में कुछ सिकन सा और ऐसा लगता ! “वक्त ने किये क्या हँसी सितम, तुम रहे ना तुम हम रहे ना हम.. जाये हम […]

Night & Pen

Seashore – Night & Pen

इच्छाशक्ति से ऊपर अब कोई क्या प्रयास किया जा सकता था; बार बार रेतों को ले जातें ज्वार भाटें, सागर के तटों को कभी मिटा पाए क्या ? फिर अगली लहरों में कुछ रेतें लौट आती है,मन को कहता हूँ कुछ यादों को रेतों के तरह बह जाने दो; लहरों को नहीं रोका जा सकता,ये शास्वत […]

Poetry

बहुत बड़ा रंगमंच है ये जिंदगी !!

क्या खुद के विश्वास पर भी .. अविश्वास किया जा सकता ! उहापोह है इस प्रश्न पर .. अंतर्द्वंद भी बोझ भी ! बहुत बड़ा रंगमंच है; इस ओर से उस ओर, कुछ महसूस नहीं होता, ना जान परता किरदारों से किरदारों का कोई रिश्ता ! डूब जाता हूँ मुखौटे से लगे चेहरे में, भूल जाता […]