Poetry

Take Care ! ~ Inbox Love – 9

takecare-inboxloveउस रात नींद भी तो नहीं आई थी ;
सर पर विक्स और बाम ने कुछ आराम दिया तो झपकी ली ;
बीच में घड़ी का पता नहीं मोबाइल को कई बार देखा ;
कोई न्यू मैसेज भी नहीं था !
पता नहीं कब आँख लग गयी ;

रात के किसी पहर ..
दवाई टाइम से और
टेक केयर 🙂 🙂 दो स्माइली के साथ !
मैसेज क्या दवाई है ?
दवाई की तरह ही है .. आ जाये तो आराम मिलता है !
हम्म..  एक पूर्णविराम की तरह !

संवाद में .. कुछ देर बाद ;

टेक केयर टू 🙂
मुझे क्यों ?
पता है !
क्या ?
बस ऐसे इतनी रात को जरुरु कुछ लिख रहे होगे ; फिर सुबह काम पर ..
सो टेक केयर टू थ्री एन सो ओन ! 🙂

Inbox Love Bring By – Sujit

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/