My Voice Thoughts

मैं रहूं या ना रहूं भारत ये रहना चाहिए …

कौन नहीं रो पड़े ४० घरों के चिराग बुझ गए ; वो सैनिक जो हमारे लिए धुप ठण्ड बरसात में भारत के हर भूभाग पर रेगिस्तान, पहाड़, नदी , जंगल कहीं भी खड़े रहने को तैयार रहते ; हमारे लिए हम होली दिवाली मनाये ; हम सुकून से सोये वो सीमा पर खड़े रहते ! […]

Poetry

आओ फिर बच्चे बन जाये …..

ले फिर गुलाटीयाँ, और फिर करतब करें । बंदर का खेल, और भालू बन डराये । सीखे फिर ककहरा, और बोले तोतली जबान । बाल को खींचें, और मुँह चिढ़ाये । दूर से चंदा मामा को, अपने संग बुलाये । जीवन की आपाधापी से अलग, आओ फिर बच्चे बन जाये । #SK #DadsDiary 🤡🤠

Random Thoughts Thoughts

Unmet Friend – Love in December !

जहाँ कोई संवाद नहीं है वहाँ कौन सी संवेदना है जो जोड़ती है दो अनजान कृत्रिम आयाम में दो शख्सों को ! एक दिन अखबार में पढ़ा दूर दूर सुदूर ग्रहों पर हम नहीं जा सकते क्योंकि जाने में 200 – 300 साल और उतनी हमारे पास सांसें नहीं ! पर जाने की रफ्तार प्रकाश […]

Random Thoughts Thoughts

#Bihar Needs Reverse Migration – नादान परिंदे घर आजा !

दीवाली और छठ त्यौहार बिहार की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करते । नेताओं से लेके न्यूज चैनल तक ने खूब ब्रांडिंग भी की गाने बजाए, फेसबुक व्हाट्सएप्प ऑडियो वीडियो सब जगह इस पर्व में बिहार ही बिहार दिखता । पर हर त्यौहार का वर्ष एक टीस लेके आता अपनों से हर वर्ष नहीं मिलने का […]

no mad
Poetry

खानाबदोश….

अलग अलग मंजिलों पर रहता मैं, कभी जिंदगी की तन्हाई तलाशने, ऊपर छत पर एक कमरा है, पुराना रेडियो पुरानी कुर्सी, और धूल लगी हुई कई तस्वीरें, जिंदगी से ऊब कर बैठता जा मैं उस मंजिल पर, कभी तलघर वाली मंजिल पर चला जाता, मकड़ी के जालों में सर घुसा ढूँढता हूँ बचपन की चीजें, […]