Indian festival diwali
Random Thoughts Thoughts

त्यौहारों का एकाकीपन

त्यौहारों का एकाकीपन – दीवाली ऐसे बड़े पर्व पर बड़े घर और सिमटते परिवार में लोग, पर्व के उल्लास को कम कर रहे । अधिकांश परिवारों में घर के कई सदस्यों का अपने मूल शहर से दूर रहना त्योहारों पर उनका न आ पाना मन को टिस देता है । बचपन से हर साल दीवाली […]

Poetry

इस शाम में उदासियाँ लपेट मैं ….

इस शाम में उदासियाँ लपेट मैं चुपचाप यूँ ही कहीं .. खामोशियों से लड़ते हुए, थककर बहुत ऊब कर बैठा हूँ … नदी के किनारे कुछ दुर से, बलुवा जमीन पर हवा थिरक कर दिन भर के उमस से गीले हुए बदनों पर टकराकर एक ऐसी ठंडक दे जाती , जैसे गर्म तपते दिन को […]

Work & Life

निर्वाचन कर्तव्य – 2019 (अनुभव नए सफर के)

आज जब लोकसभा चुनाव 2019 पर जनमत की सरकार अपने नए कार्यकाल की नींव रखने जा रही, कुछ अनुभव इस चुनाव के … चुनाव ड्यूटी शब्द जैसे कार्यालय में सनसनी सी फैल जाती कहाँ दिया क्या बनाया कब बुलाया । उसके बाद कुछ लोग जो पूर्व में कई चुनाव करा चुके होते बताते आपको डराने […]

Poetry

ये कैसी लड़ाई है…

ये कैसी लड़ाई है, ऊँचें आवाज में चीख के, लाल चेहरों से गर्म हाँफती साँसें, थक के दूर जा बैठना, चुप हो के घण्टों बिताना रूठ कर प्लेट को वापस कर देना पानी गटकना और नींद की आगोश में जाना रोज ढलते जाना चेहरों का आधे काले आधे सफेद सारे बाल ; जैसे जल गए हो वो उखड़े […]

My Voice Thoughts

लोकतंत्र का वोटतंत्र

आजादी के 70 साल बाद भी चुनाव का मुद्दा प्रलोभन है, कोई कर्ज माफ कर देगा, कोई मुफ्त में घर बैठे आय देगा, कोई फ्री डीजल कोई फ्री बीज फ्री गैस फ्री खाना फ्री नाली फ्री सड़क फ्री फ्री फ्री के वादे फ्री में फ्री हो जाते, नेता चुनाव के बाद फ्री हो जाते, जनता […]

Random Thoughts Thoughts

DreamCatcher’s

ड्रीमकैचर्स – 2 लटका दिए है अब ये मेरे लिए सपने पकड़ेंगे, कुछ दिनों से सपनों को देखने का सिलसिला जैसे बंद सा पड़ा हुआ है, सपनों के बिना रात ही नहीं जिंदगी भी सपाट सी लगती , जैसे बिना चाँद तारों के आसमान की कल्पना कीजिये, दूर दूर तक सब कुछ सपाट काला अँधेरा, […]