Poetry

ये कैसी लड़ाई है…

ये कैसी लड़ाई है, ऊँचें आवाज में चीख के, लाल चेहरों से गर्म हाँफती साँसें, थक के दूर जा बैठना, चुप हो के घण्टों बिताना रूठ कर प्लेट को वापस कर देना पानी गटकना और नींद की आगोश में जाना रोज ढलते जाना चेहरों का आधे काले आधे सफेद सारे बाल ; जैसे जल गए हो वो उखड़े […]

My Voice Thoughts

लोकतंत्र का वोटतंत्र

आजादी के 70 साल बाद भी चुनाव का मुद्दा प्रलोभन है, कोई कर्ज माफ कर देगा, कोई मुफ्त में घर बैठे आय देगा, कोई फ्री डीजल कोई फ्री बीज फ्री गैस फ्री खाना फ्री नाली फ्री सड़क फ्री फ्री फ्री के वादे फ्री में फ्री हो जाते, नेता चुनाव के बाद फ्री हो जाते, जनता […]

Random Thoughts Thoughts

DreamCatcher’s

ड्रीमकैचर्स – 2 लटका दिए है अब ये मेरे लिए सपने पकड़ेंगे, कुछ दिनों से सपनों को देखने का सिलसिला जैसे बंद सा पड़ा हुआ है, सपनों के बिना रात ही नहीं जिंदगी भी सपाट सी लगती , जैसे बिना चाँद तारों के आसमान की कल्पना कीजिये, दूर दूर तक सब कुछ सपाट काला अँधेरा, […]

My Voice Thoughts

मैं रहूं या ना रहूं भारत ये रहना चाहिए …

कौन नहीं रो पड़े ४० घरों के चिराग बुझ गए ; वो सैनिक जो हमारे लिए धुप ठण्ड बरसात में भारत के हर भूभाग पर रेगिस्तान, पहाड़, नदी , जंगल कहीं भी खड़े रहने को तैयार रहते ; हमारे लिए हम होली दिवाली मनाये ; हम सुकून से सोये वो सीमा पर खड़े रहते ! […]

Poetry

आओ फिर बच्चे बन जाये …..

ले फिर गुलाटीयाँ, और फिर करतब करें । बंदर का खेल, और भालू बन डराये । सीखे फिर ककहरा, और बोले तोतली जबान । बाल को खींचें, और मुँह चिढ़ाये । दूर से चंदा मामा को, अपने संग बुलाये । जीवन की आपाधापी से अलग, आओ फिर बच्चे बन जाये । #SK #DadsDiary 🤡🤠

Random Thoughts Thoughts

Unmet Friend – Love in December !

जहाँ कोई संवाद नहीं है वहाँ कौन सी संवेदना है जो जोड़ती है दो अनजान कृत्रिम आयाम में दो शख्सों को ! एक दिन अखबार में पढ़ा दूर दूर सुदूर ग्रहों पर हम नहीं जा सकते क्योंकि जाने में 200 – 300 साल और उतनी हमारे पास सांसें नहीं ! पर जाने की रफ्तार प्रकाश […]