लॉकडाउन - Inbox Love 12

लॉकडाउन – Inbox Love ~ 12

लॉकडाउन - Inbox Love 12लॉकडाउन जैसे सब कुछ थम सा गया एकदिन ; वक़्त जैसे पसरा हो और समेटने को खाली खाली पूरा दिन हो ! लम्बी रातें जैसे लौट आया हो कोई बीता वक़्त, जहाँ कोई बंदिशें नहीं थी, शायद बहुत सारे पुराने यादों की फेहरिश्त उलट रही हो हर दिनों में !

जहाँ वर्षों से संदेशों की आवाजाही बंद थी ! वो इनबॉक्स लव का चैट बॉक्स जहाँ ख़ामोशी से तुम आस पास रहते थे ! वहाँ पुराने किस्से थे, अनगिनत पन्ने थे और थी अनगिनत यादें ! लॉकडाउन का खाली वक़्त पता नहीं क्यों टटोलने लगा था वो चैट बॉक्स, वो लम्बी रातों के किस्से घंटों इनबॉक्स की दास्तान !

इनबॉक्स पर एकदिन कुछ संदेशों के साथ वो स्माइली गुच्छे उकेरे तो कुछ भी नहीं बदला था ; चलचित्र के चलते हुए किस्से को किसीने रोक दिया हो उसी तरह जैसे वो बीता वक़्त रोके हुए थे अपने आप को किसी फ्रेम में ! और फिर जैसे साँसे रोकने के बाद फिर साँसे चलने लगी हो ऐसे ही बातें थी इनबॉक्स की ! लॉकडाउन ने इनबॉक्स को अपनी पनाह दी और खाली रातों को मिले कई पुराने किस्से !

लॉकडाउन ने लौटाए जरुर बीते से वक़्त से चुराकर कुछ लम्हों को लेकिन इनबॉक्स के दुनिया से आगे बढ़ गये थे हम और तुम ख़ामोशी की दुनिया में ! जहाँ अब संदेशों संदेशों की आवाजाही न थी बस खामोशियों बोलती थी गुनगुनाती थी और टटोलती थी किस्से इनबॉक्स की !

#SK in Inbox Love …

Post Author: Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज