My Voice Thoughts

भीड़ और मौत के सन्नाटे के बीच ..

एक सविंधान के  रक्षक को भीड़ इसलिए मार देती की वो अपने कर्तव्य को निभा रहा था, भीड़ और मौत के सन्नाटे के बीच न कुछ सवाल है न जवाब , न पक्ष है न विपक्ष बस है तो मौत का सन्नाटा ! कौन है हत्यारा ये समाज जिसके मन में विष ही विष है नफरत का […]

Up election poem sattire
My Voice Poetry Thoughts

यूपी का चुनाव-प्रचार

जनता की सेवा के लिए हो गया, पिता पुत्र में भी तकरार, ये है यूपी का चुनाव-प्रचार ! इधर के उधर गए, और उधर के नजाने किधर गए, मिल बैठे सब नदियों जैसे, धूल गए पुराने कर्म और विचार, ये है यूपी का चुनाव-प्रचार ! घी-तेल सब चुपड़े खायेंगे, अब कोई क्यों करे व्यापार, माटी […]

Autumn Days Thoughts
Random Thoughts Thoughts

किसे न इश्क़ हो इस मौसम से ? #AutumnDays

Autumn marks the transition from summer into Winter ….. किसे न इश्क़ हो इस मौसम से ? ढलती रात अभी की, जैसे हवायें खुले खुले बदन से टकराकर अटखेली करती प्रेमिका सी लिपटती ; दूधिया रोशनी में नहायी सड़के और आसमां की खूबसूरती जैसे गुलज़ार की नज्म, उस नज्म से जैसे चाँद आसमां से उतरकर […]

social media troll
My Voice Thoughts

बातें गाली गलौज की …..

सोशल मीडिया और गाली गलौज …. बहुत अच्छा प्रश्न है ; व्यापक है ; समस्या है ! लेकिन रोज एक ही बात बोलना की गाली गलौज हो रहा , ये कौन लोग है , वो कौन लोग है ! बीजेपी कांग्रेस व्हाट्सप्प फेसबुक तू तू मैं मैं ! आखिर कब तक यही जुमला फेंकते रहेंगे […]

My Voice Thoughts

#ThankYouSachin

देखते होंगे क्रिकेट पहले भी लोग, लेकिन साँसें रोक के, चाय की दुकान पर, मन में भगवान को याद करके, दोस्तों के कंधे पर हाथ रख के, पिताजी के साथ सोफे पर बैठ करके, टीवी की दुकान के बाहर भीड़ में शामिल हो, हॉस्टल में टीवी का जुगाड़ करके, बिजली कटने पर बेशर्म हो पड़ोसी […]

tv disease
My Voice Thoughts

आजादी २.०

ये कैसी आजादी की माँग है ; ये कौन लोग जो है समय समय पर भीड़ बनके आते है ; देश की आजादी का वर्तमान वर्शन जिसे पसंद नहीं ; मॉडिफाइड स्वराज और आजादी २.० की माँग कर रहे ! “अभिव्यक्ति की आज़ादी” को नई नई परिभाषा देने वाले लोग जो खुद इतना बोल जाते […]