dads diary
Life Events My Living Poetry

लुका-छुपी ….

बचपन का एक कौतुहल जो हर बच्चा अपने माँ के आँचल में सीखता, चेहरा छुपाना, फिर शरारत भरी नजरों से देखना की सब उसको देख रहे या नहीं, कभी कभी जब चेहरे से आँचल को नहीं हटा पाता उलझ जाता तो अपने गुस्से को जाहिर करना कि कोई उसकी मदद करें, बच्चों के इस लुका […]

Life Events Photography

Sillhoutes Of Life …..

जीवन के श्वेत श्याम पट्ट पर, कुछ तस्वीर आ उभरे है ; गोद में कोई कौतुहल से, अटखेलियाँ करता ; देखता दीवारों पर बनती परछाइयों को, हिलती डुलती आभायें , जब साथ साथ आती है, अनेकों रंग भर देती जीवन में । #SK #Sillhoute Of Life…

New Year New Me 2018
Life Events My Living Poetry

नया वर्ष है नया सवेरा ..

नया साल जैसे आपको ये महसूस होता की चलो एक पुराना लम्हा था खत्म हुआ ; अब एक नई उम्मीद है पुराने साल की कुछ अनचाही चीजें लगती इस साल ठीक हो जाएगी ! एक पूरा नया सजा सजाया बिना परेशानियों का सब कुछ बदल देने वाला एक नया वर्ष जैसे सामने हो और मन […]

Dad Diary
Life Events Random Thoughts Thoughts

Dad’s Diary – 1

कहते है बच्चा जब सोया रहता और हँसता तो वो भगवान से बात करता , भगवान बच्चे को हँसाते दुलारते ! बच्चा जब तक अबोध रहता वो इस दुनिया के अलावा किसी और दुनिया से संवाद में भी रहता है और धीरे धीरे उसका जब ये सम्पर्क खत्म होता वो इस दुनिया के जीवन चक्र […]

Life Events

Awarded in StoryMirror Short Stories Contest Season 1

लेखन स्वंय एक पुरस्कार है ! आपके शब्द जब लोगों तक पहुँच कर उनके मन को प्रेरित करें और आपकी रचना से वो जुड़ जाएँ तो आपके लेखन का वास्तविक प्रयोजन सफल हो जाता ! कुछ वर्ष पूर्व मेरी एक रचना “एक गुड़िया परायी होती है” को काफी लोगों से सराहना मिली थी और अब […]

Life Events Poetry

मेरे नन्हें फ़रिश्ते …

कुछ नन्हीं हाथों के बीच, मैंने अपने उँगलियों को महसूस किया, कौतुहल में तुमने कस रखे थे अपने हाथ, यूँ पहली बार छुआ था मैंने तुमको ! बहुत मासूम सा था तेरा चेहरा, जैसे सुबह की ओस .. पहली बारिश मिट्टी पर.. या कोई फूल जैसे किसी छोटे गमले में पहली बार निकला हो ! […]