Night & Pen

Reprise Something – Night & Pen

MIWFSL10

बहुत द्वंद और एक बोझ जैसे पर्वतों की श्रृंखला, और रेगिस्तान सी राह में दूर जाता एक राही;
विस्तृत अथाह सी राह में कभी इतना पीछे रह जाता; की चलना मुश्किल सा प्रतीत लगता !

कब तस्सली हो, भागते भागते ! कितने सवाल है ….. फैसलों पर ..
क्योँ ऐसा लगता मौसम बेजार हो इर्द गिर्द पसरा हो __ रात की अधखुली पलकों ने कितने लम्हों को समेटा होगा,

जिस्म थकता हुआ ..सुबह की तलाश में ! उठने को बेताब …चलने को बेताब – राह कैसी भी कब सोचता !
समय के थपेड़े बरबस टकराते और कहते तोड़ क्योँ नही देते खामोशी ..

क्योँ लहरों को जाते देखते की वो आ ही जाती फिर वापस !
पर जाना तो उसकी आदत .. कुछ देर वहीँ इन्हीं क्रम की पुनराविर्ती ….

SK IN Night & Pen

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/

One thought on “Reprise Something – Night & Pen

Comments are closed.