Night & Pen

Reprise Something – Night & Pen

बहुत द्वंद और एक बोझ जैसे पर्वतों की श्रृंखला, और रेगिस्तान सी राह में दूर जाता एक राही; विस्तृत अथाह सी राह में कभी इतना पीछे रह जाता; की चलना मुश्किल सा प्रतीत लगता ! कब तस्सली हो, भागते भागते ! कितने सवाल है ….. फैसलों पर .. क्योँ ऐसा लगता मौसम बेजार हो इर्द […]