Night & Pen Thoughts

Life @ Rooftop #ZindgiLive

On rooftop .. white lampost reminding some memories of relive days .. some solitude moment when i put hands on railing of rooftops and keep looking this night lamps … Thoughtful discovery of who i am, what i have to seek from life .. yet the discovery of life started or not ! Where my journey leads to .. again when i came on my native rooftop i think same over n over .. so silence here … My mind indulge between dream of metros and desire of native land. North wind coming from ganga’s river and touching me .. .. wind surpassing my soul .. the beautiful dark horizon over my head with some twinkling stars bringing some smile and joys .. so its a night at my home town .. #SK

कुछ भी नहीं बदला है ; वही नदी कल कल और उस ओर से आती हवायें ! अक्सर बीते रात छत पर खुले आसमान के नीचे घंटों खड़े हो सोचता ; ठंडी हवायें ऐसे जैसे आत्मा तक जाती हो ! पुराने दिनों में यहाँ आ ये सोचता था की क्या जिंदगी होगी कल की ? भविष्य का चिंतन ; आज भी इन रातों निहारने आ जाता हूँ छत को को निहारने अपने शहर के रात से मिलने ; भागती मेट्रो शहर के ख्वाबों और यहाँ से सँजोये सपने के बीच ! याद आता है क्या भुला क्या बीता ! कितना टुटा कितना बिखरा कितना निखरा ! किसी की याद .. किसी की आवाज ! ऊपर गहरा आसमान खूबसूरत है तारों की लड़ी है ! जिंदगी मुस्कुरा रही आस पास और मैं भी .. कुछ नमीं सी आँखों की बस वो दबी ही है .. !!

– Sujit (@ Bhagalpur – Kumar Kunj )

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Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/

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