Poetry

मंदिर की घण्टियाँ …..

बचपन में इस मंदिर में आके हाथों को ऊपर करके इसे छूने का प्रयत्न करते थे ; तभी पीछे से कोई आके गोद में उठा के हाथों को पहुँचा देता ; कुछ बरसों के बाद दुर से दौड़ के आते ही थोड़ा कूदने पर हाथों को ये घंटियाँ छु जाती थी । बरसों बाद अब […]

Photography

Visit to Home Town – (Photography)

Journey Begin …. चकरी … बैलून … 10 रूपये का मेला । वक़्त की रफ्तार बहुत तेज है । जिन्दगी भी तेज चली हो जैसे ….#memoirs   सुप्रभात …. एक नयी सुबह ।। अपना शहर !! गाँव से दुर्गा विसर्जन का एक दृश्य । सभी अलग अलग टोले से माँ के कलश को निकाल कर एक […]