fbpx

प्रकृति की ओर ..

दूर क्षितिज के एक छोड़ पर नदी किनारे शाम ढलती हुई ऊपर चाँद की दस्तक है ऐसे जैसे ठिठक गया है वक़्त रात और दिन के बीच कहीं इस अनवरत समय चक्र को क्यों किसी ने छेड़ा । क्यों रुका वक़्त का पहिया क्यों थम सी गयी रफ्तार जीवन की । शायद हमने अनदेखा किया […]

इस शाम में उदासियाँ लपेट मैं ….

इस शाम में उदासियाँ लपेट मैं चुपचाप यूँ ही कहीं .. खामोशियों से लड़ते हुए, थककर बहुत ऊब कर बैठा हूँ … नदी के किनारे कुछ दुर से, बलुवा जमीन पर हवा थिरक कर दिन भर के उमस से गीले हुए बदनों पर टकराकर एक ऐसी ठंडक दे जाती , जैसे गर्म तपते दिन को […]

मंदिर की घण्टियाँ …..

बचपन में इस मंदिर में आके हाथों को ऊपर करके इसे छूने का प्रयत्न करते थे ; तभी पीछे से कोई आके गोद में उठा के हाथों को पहुँचा देता ; कुछ बरसों के बाद दुर से दौड़ के आते ही थोड़ा कूदने पर हाथों को ये घंटियाँ छु जाती थी । बरसों बाद अब […]

Visit to Home Town – (Photography)

Journey Begin …. चकरी … बैलून … 10 रूपये का मेला । वक़्त की रफ्तार बहुत तेज है । जिन्दगी भी तेज चली हो जैसे ….#memoirs   सुप्रभात …. एक नयी सुबह ।। अपना शहर !! गाँव से दुर्गा विसर्जन का एक दृश्य । सभी अलग अलग टोले से माँ के कलश को निकाल कर एक […]