fbpx
words of painting

एक चित्र से वार्तालाप …

अब पूरी तरह नहीं ढाला जा सकता शक्ल में ; मन के किसी कोने में अब किसी तस्वीर का धुंधला सा प्रतिविम्ब है जिसने उँगलियों को जैसे बरबस पकड़ के चलाया हो । कुछ उभरी कुछ आकृति कोई चेहरा कौन हो तुम मेरे शब्दों की छुपी कल्पना सी मेल खाती है लेकिन वो तुम नहीं […]

Atonement of Words – IN Night & Pen / Inbox Love -8

एकदम रात का सन्नाटा, ध्यान से सुनो, दिन के दबे सिसके बातों की प्रतिध्वनि; कहीं ख्वाब जलने की तो कहीं उम्मीद सुलगने की गूँज ! उस दिन काफी खामोशी के बाद जब उसने कुछ सुना; वक्त की झुंझलाहट शब्दों में उतर गयी उसके; और … बात ; .. शब्दों में टूटे हुए मन को कैसे […]

गिरह – Knot of Life : #Night & #Pen !

गिरह ऐसी भी नहीं थी की टूट जाती, हाँ कुछ बन्धन जो वक्त, मायूसी, खामोशी के थे ..सब आजाद है अब ! मैं इस इल्जाम का इतना भी हक़दार नहीं हूँ, ना तुम किसी खता के अपराधी ; बस ये ऐसे ही था जिंदगी का फलसफां .. मैं लिखता भी रहा और मिटाता भी रहा […]

शब्दों का कैनवास – Words on Canvas (Night & Pen) : #SK

एक कैनवास मन में बनता है ; उस जगह जाकर लगता कुछ देर और रुक पाता तो तस्वीर इसकी जेहन में पूरी सी बैठ जाती ! पर उस रस्ते के ऊपर से गुजर जाता रोज ; रोज उसी नियत समय पर वो कैनवास कार्बन प्रति के जैसा छप जाता ! कई दिन कोशिश भी की […]

बोझिल शाम से सुकूने रात – पुरानी जीन्स के संग !!

बोझिल शाम से सुकूने रात और पुरानी जीन्स का सफ़र कुछ इस तरह है की … रोज ही ये सफ़र शुरू होता और रोज ही हमें चलते इस तरह जब मन में कुछ सिकन सा और ऐसा लगता ! “वक्त ने किये क्या हँसी सितम, तुम रहे ना तुम हम रहे ना हम.. जाये हम […]