Poetry

शीत की आँगन !

सर्द हवाओं ने ये महसूस कराया;winter_love_by_louiezong-d5hjji3
फ़िक्र लौट आयी थी उनकी आज !

फिर कुछ सरसरी हवा छु गयी होगी,
फिर अब बचपन लौट गयी होगी !

ना मानी होगी बात फिर किसीकी,
हो आये होंगे गलियों में यूँ ही !

कुछ शरारतें कुछ बेबाक सा मन,
भागती फिरती चहकती शीत की आँगन !

आ रही थी यादें कितनी,
इस धुंध से लिपटी हुई !

सर्द हवाओं ने ये महसूस कराया…..

सुजीत 

Photo:
http://louiezong.deviantart.com/art/winter-love-331796091

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/