Rain & Poetry
Poetry

सावन यूँ ही उतरा है आँगन में

Rain & Poetryबारिश से भींगे ये रास्ते,
चहलकदमी के निशान,
पत्तों पर फिसलती बूंदे,
उथले उथले गड्ढों में पानी,
सूखे पत्ते कीचड़ से सने हुए,
आसमान में मेघों का झुंड,
रुक रुक कर होती ये बरसात !

कागज की नाव, भींगने का मन,
सावन यूँ ही उतरा है आँगन में ।

#SK

 

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/