inbox love in December
Random Thoughts Thoughts

Love in December – इनबॉक्स लव ~13

inbox love in Decemberदिसम्बर, धुंध, सिमटी रातें …
दिसम्बर की कुछ यादें !
जल्दी जल्दी शाम का ढल जाना ; हाँ हर बदलता मौसम यादों को भी तो बदल देता ; ये शीत में धुलती रातें, सुने से सड़कों पर धुंधली पड़ती रौशनी ! किसी साल से इसी मौसम की कुछ बातें याद है ? जैसे खुद से ही सवाल कर रहा वो और खुद ही जवाब भी सोच रहा ! किसी यादों में खो जाता वो, कुछ संवाद सा उसके अन्दर चल रहा जैसे …
— इनबॉक्स में —
अच्छा है बहुत ;
क्या अच्छा है ?
स्वेटर लाल रंग का जो फेसबुक पर पिक अपलोड की है !
अच्छा क्या ख़ास है ?
बस जैसे ये स्वेटर तुम्हारे लिए ही बना है ; लाल रंग के स्वेटर में लिपटी सादगी !
हम्म …
आगे कुछ जवाब नहीं मिला !
कुछ रुककर फिर वो कहता पोंड्स का एड कितना अच्छा है न रिश्तों की गर्माहट ; इस मौसम में याद दिलाती !
क्या याद दिलाती ?
जैसे बच्चे से मासूम चेहरे को हाथों से छूना !
हम्म … और कुछ तारीफ में शब्द है ?
शब्द तो प्रेरणा है जो इस सादगी से मिलती ; ये कभी खत्म नहीं होगी !
हर हमेशा कवि और कविता, कैसे सोच लेते इतना !
बस सोच लेता ; कैसे ये सोचा नहीं कभी . .
ओके ओके – आज के लिए इतना ही ;

बीच में रोका उसने – सुनो एक बात थी !

ठण्ड बढ़ रही दिसम्बर में ; वो लाल स्वेटर और लाल स्कार्फ बांध के जाना ! सॉरी लाल टोपी 😛

सो फनी 🙂 स्माइली के साथ !!

जैसे किसी ख्वाब से उठा हो वो ; रात बीतने को आ रही थी ; खाली चैट विंडो ; वही दिसम्बर की रात फिर … नींद की आगोश ! लम्बी सांस लेके बोलता “नाउ इट फील्स लाइक दिसम्बर; अनफोरगेटेबल दिसम्बर” !!

#SK in Inbox Love … With Essence of Winter 🍂🍂

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/

3 thoughts on “Love in December – इनबॉक्स लव ~13”

  1. दिसंबर की ठंडी रातों का शब्द चित्र बहुत सुन्दर,मन की उन सुहानी रातों और मफलर,स्वेटर में लिपटी सुबह की कुनकुनी नरम धूप का सुख दे गया।
    यहाँ मुम्बई की रातों में यह सुख कहॉं?

Comments are closed.