हम जन-गण-मन को गायेंगे ….

गैस पानी की लाइन में,
हम कागज़ लेकर जायेंगे !

मुफ्त की सब्सिडी पाने को,
हम कागज़ को दिखायेंगे !

दुष्प्रचार को करने को,
मुँह ढक-ढक कर आयेंगे !

मेट्रो-बस जलाने को,
अपना अधिकार बतायेँगे !

हर बात पर हर दिन,
संविधान को खतरे में बतायेंगे !

थोथी-थोथी बातें कर बुद्धिजीवी कहलायेंगे,
देशहित की बातों पर अपना पीठ दिखायेंगे !

जो दिन रात हमारी रक्षा करते,
उसपर पत्थर को बरसायेंगे !

हम पत्थर भी खाके,
सहनशील बन जायेंगे !

विरोध जताना वाजिब है,
देश जलाना साजिश है,
हम जन-गण-मन को गायेंगे,
ऐसे लोगों को गलत ठहरायेंगे !

जय हिन्द !

Post Author: Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज