Poetry

इस तरह जिन्दगी से कुछ पल उधार लेता हूँ !

calling-lifeरात के सुकूं के दो पल इस तरह संवार देता हूँ ,
सारे थके थके रिश्तों को उतार देता हूँ,
भूल जाता हूँ कुछ पल के लिए गम सारे,
इस तरह जिन्दगी से कुछ पल उधार लेता हूँ !

ना ही दम्भ भरता किसी कीमत का,
ना ही गम करता रूठी किस्मत का,
मुस्करा कर हर शिकन उजाड़ लेता हूँ,
इस तरह जिन्दगी से कुछ पल उधार लेता हूँ !

किसी बात पर नजाने कौन रूठ जाता,
किसी बात पर मेरा हर वहम टूट जाता,
दो कदम चलता और पीछे कोई छूट जाता,

कभी चुप हो कभी तुझको ही पुकार लेता हूँ,
इस तरह जिन्दगी से कुछ पल उधार लेता हूँ !

– #SK … Poetry Contd ..

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/

2 thoughts on “इस तरह जिन्दगी से कुछ पल उधार लेता हूँ !

  1. ना ही दम्भ भरता किसी कीमत का,
    ना ही गम करता रूठी किस्मत का,
    मुस्करा कर हर शिकन उजाड़ लेता हूँ,
    इस तरह जिन्दगी से कुछ पल उधार लेता हूँ !
    बहुत ही सुन्दर भावोक्ति

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