Poetry

अल्ल्हर बातें !

एक अल्ल्हर बातें है जैसे,
सपने का पलना हो जैसे !
अठखेली हवाओं जैसी !
बावरी मन चंचल हो जैसी !

आशाओं की डोरी सी !
बातें करती पहेली सी,

एक तस्वीर ….

ख्वाबो में एक तस्वीर सी बनती,
हया धड़कन के पहलु में छुपती,
झुकी नजर में शर्माती हँसती,
नाजुक मन आँखों में सिमटी !

एक ख्वाब …
कभी इन्तेजार में सज जाते पल !
बिन बुलाये सता जाते हर पल !

कल देखा था उन चेहरों में गम का जो हलचल,
शिकन भी उठते रहे इन चेहरों में भी पल पल !

ना सच है अल्ल्हर बातों का,
ना श्वेत श्याम किसी रातों का,

ना डोर है इन हवाओँ में कहीं,
जो नूतन तान से बहते है,
अलसाती सी हवाएँ बनकर,
खिडकी पर चुपके से आकर,
कभी पुरवैया से गीत सुनाकर,
बेसुध मन में जो समाकर,
सखा बन बातें करते है !

जीवनमयी गीत में एक धुन को सजाकर,
अपनों का कभी अहसास कराकर,

रिश्तों की एक डोर थमाकर ..,
कभी हम उलझे, और कभी जो सुलझे !

ये अल्ल्हर बातें .. किसकी .. शायद कोई ना समझे !

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/