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DILUTE LOVE POETRY

किसी भी लहजे में नहीं ….

किसी भी लहजे में तो नहीं कहा, की तुम्हारी कई बातें अच्छी नहीं, झुंझलाहट भरी थी चुप्पी तेरी, प्रेम में डूब के कैसे कहता की, कुछ द्वेष भी तो पलने लगा अंदर, कैसे बदलने लगा था व्वयहार तेरा, बदल के तुम वो नहीं रहे अब, या बदल के अब कैसे हो गए, यहाँ कौन निर्धारण […]

आज  फिर सदियों  के बाद वही पुरानी आहट सी  थी !

आज फिर सदियों के बाद वही पुरानी आहट सी थी, जो भुला नहीं हूँ अब भी जेहन में बची एक हसरत सी थी । कुछ दो शब्दों पर तर हो गयी आँखे , सो गयी कब नींद में बोझिल ये आँखे । किसी अजनबी के तरह तुम तो लौटे नहीं थे, लौट के उन राहों […]

Not as a Stranger – Night & Pen

इन उम्मीदों की मंजिल क्या है .. ये सवाल अपने आप से पूछता अक्सर वो;वर्तमान से उस आने वाले समय की परिकल्पना कैसे उमड़ रही ! जैसे वो कहा रहा – मैं नहीं जानता इस पार दूर खड़ा, देखता लहरों को मन में आते और जाते,ज्ञात नही है मुझे, कैसा है उस पार का तट; […]

आहट सी तेरी ..

ना खता जतायी ..ना खबर बताई ..ये इरादा चुप रहने का ..उम्मीदों पर बोझ बन रहा ! किश्तों किश्तों में ढूंढता,कहीं यादें कम ना पर जाये,तेरे लौट आने तक ! रंग रंगीली झूठी दुनिया..खो जाने कि कोशिश करते,पर झूठी लगती हर रंगरलियाँ, जब बातें बेमानी सी हो जाती,एक तलक फिर दूर कहीं से,वही आवाज़ सी […]

अल्ल्हर बातें !

एक अल्ल्हर बातें है जैसे, सपने का पलना हो जैसे !अठखेली हवाओं जैसी !बावरी मन चंचल हो जैसी ! आशाओं की डोरी सी !बातें करती पहेली सी, एक तस्वीर …. ख्वाबो में एक तस्वीर सी बनती,हया धड़कन के पहलु में छुपती,झुकी नजर में शर्माती हँसती,नाजुक मन आँखों में सिमटी ! एक ख्वाब …कभी इन्तेजार में […]