If a writer falls in love with you, you can never die..
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यू कैन नेवर डाय – Inbox Love 11

If a writer falls in love with you, you can never die..जब सब शांत स्तब्ध और अकेला सा हो जाता तो यादों का बादल तैरने लगता मन के खुले आसमानों में ; यादें भी तो कभी दम तोड़ देती होगी किसी के मन में कितना याद रख पायेगा कोई जिंदगी के अनेकों उधेड़बुनों में ! पर तुम नहीं मरोगे कभी … उसने बड़े सहज ढंग से कह दिया !

 
क्यों ? क्यों नहीं सब एक दिन खत्म हो जाता, बातें .. यादें .. जहन से चेहरा भी मिट जाता है !
नहीं कुछ चीजें नहीं मिट सकती ; तुम नहीं मिट सकते मेरे मन से ; उसने विरोध में कहा !

याद है एक दिन तुमने क्या कहा था … ” इफ ए राइटर फाल्स इन लव विथ यू, यू कैन नेवर डाय ”

हम्म .. इससे से आगे कुछ लिखा नहीं तुमने !

बस तुमने कुछ लिखा नहीं और मैंने कभी लिखना बंद किया नहीं ; मैं नहीं मरने दूँगा किसी स्मृतियों को, किसी बातों को, हाँ शक्ल उम्र दर उम्र ढलेगी लेकिन वो जो शब्दों में तुम्हें दर्ज करके रखते जा रहा हूँ , वो हमेशा नया है बदलते मौसमों की तरह ; सावन की बरसात की तरह, उफनती नदी की तरह, पेड़ के नए पत्ते की तरह, डूबते चाँद और रोज उगते सूरज की तरह !

मेरे शब्दों में रोज तुम सुबह गमले को सींचते, पक्षियों को दाना देते हो, आँगन में पायल की रुनझुन तो गलियों में कदमों की आहट से हो गए हो !

तुम्हें मैंने शब्दों के हर साँचे में ढाल दिया है, एक कैनवास जिसपर बनी तस्वीर से मौन बातें की जा सकती है !

बताओ क्या ये शब्द मरने देंगे तुम्हें ; तुम्हें नये नये रूप में, नये नये ढंग से ये शब्द रोज नयी जिंदगी देंगे ! तुम कभी नहीं मरोगे ; एक अमर कविता में परिणत हो चुके हो तुम !

तुमने बस कह के भुला दिया लेकिन मैं समझ गया था “If a writer falls in love with you, you can never die.. ” !!

#SK in Inbox Love …

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/

7 thoughts on “यू कैन नेवर डाय – Inbox Love 11”

  1. Bhaisabb aapki ek rachna “you can never Die” padhi aur padhke aapka Fan ho gaya !!!
    Bahut saral aur pyara !!

    Thank You !!
    — Mayank Patidar

  2. सरजी बहुत ही खूबसूरत शब्दों मैं अपने अहसास को बयांकर दिया …..
    बहुटी सुन्दर रचना………
    Awasome……

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