Indian Independence Hindi Poetry
Poetry

ऐ वतन ए हिन्द …

ऐ वतन ए हिन्द ..

दी है तेरे माटी ने पनाह ;
मुझ पर ये अहसान है ;
जन्म मिली इस धरा पर ;
मुझको ये अभिमान है !

ऐ वतन ए हिन्द, तेरे खातिर ;
हम कुछ कर गुजर जाये ;
संवरे इस भूमि का कण कण;
कुछ इतने से अरमान है !

ऐ वतन ए हिन्द ..

भरता हूँ दम्भ हरदम ;
ये माटी माँ के सामान है ;
तीन रंगो में लिपटा ध्वज;
हिन्द की ये पहचान है !

#SK : स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ ! जय हिन्द !

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/

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