Indian Independence Hindi Poetry

ऐ वतन ए हिन्द …

ऐ वतन ए हिन्द ..

दी है तेरे माटी ने पनाह ;
मुझ पर ये अहसान है ;
जन्म मिली इस धरा पर ;
मुझको ये अभिमान है !

ऐ वतन ए हिन्द, तेरे खातिर ;
हम कुछ कर गुजर जाये ;
संवरे इस भूमि का कण कण;
कुछ इतने से अरमान है !

ऐ वतन ए हिन्द ..

भरता हूँ दम्भ हरदम ;
ये माटी माँ के सामान है ;
तीन रंगो में लिपटा ध्वज;
हिन्द की ये पहचान है !

#SK : स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ ! जय हिन्द !

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