Indian Independence Hindi Poetry
Poetry

ऐ वतन ए हिन्द …

ऐ वतन ए हिन्द .. दी है तेरे माटी ने पनाह ; मुझ पर ये अहसान है ; जन्म मिली इस धरा पर ; मुझको ये अभिमान है ! ऐ वतन ए हिन्द, तेरे खातिर ; हम कुछ कर गुजर जाये ; संवरे इस भूमि का कण कण; कुछ इतने से अरमान है ! ऐ […]