Poetry

The Paths of Destiny


किस्तों किस्तों में सुबह..
किस्तों किस्तों में होती शाम !

किस मुफलिशी के मारे..
हो गये देखो गुमनाम !

इस सफर को क्या नाम दोगे..
बस राहों को दे दो कुछ नाम !

साथ टूटे या हाथ छुटे..
होती नहीं हसरतें नाकाम !

बात हमारी भी होती होगी..
कुछ किस्सों में होगा ही नाम !

गिर गिर के सम्भलते है..
चुन ही लिया है जब अपना,
इक मंजिल इक मकाम !

Transcript 

kisto kistome me subah ..
kiston kiston me hoti sham !

kis muflishi ke maare..
ho gye dekho gumnam !

safar ko kya naam doge..
bs rahon ko de do kuch naam !

sath chute ya hath chute..
hoti nhi hasrate nakam !

baat hmari bhi hoti hogi..
kuch kisson me hoga hi nam !

gir gir ke khare hote hai,
chun hi liye hai jab apna,
ek manjil aur ek mukam..!

#$K… in Night And Pen

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/