Bhagalpur Bihar - Land aside ganga
Poetry

हौसलें है .. सब रवानी देखते है !

Bhagalpur Bihar - Land aside gangaशहर के उस ओर का भूभाग, जहाँ हर साल बाढ़ आता, घर बह जाते, सारा जमीं समंदर हो जाता, फिर भी हौसला है उन लोगों का फिर उजड़े को बसाते और जीवन को जीने लौटते !

एक कविता इसी संदर्भ में ~

चौथी मंजिल से शहर के लोग नजारे देखते है,
मिटटी, पानी के घरोंदों के तमाशे देखते है !

कुदरत के कुछ करिश्में फैले है दूर तक,
नजरें जहाँ तक जाती आँखों के इशारे देखते है !

क्या मुक्क़दर है इनका हर बरस एक सा रहता,
खुद ही इसको बनते और बिगड़ते देखते है !

ये जो सुकून फैली है दूर तक इस जहाँ में,
लील लेता है कोई, बेबस वो बस उफाने देखते है !

जो मिटता फिर बदल देते है तस्वीर खुद की,
कौन मिटाता क्या, हौसलें है सब रवानी देखते है !

#Sujit

Picture: घर के सामने गंगा के किनारे विशाल भूभाग में बाढ़ के परदृश्य की एक शाम ! बादल की सुनहरी छटा, ढलता सूरज, खेत, गंगा की टेढ़ी मेढ़ी धाराएँ ! (Bhagalpur, Bihar)

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/

One thought on “हौसलें है .. सब रवानी देखते है !

Comments are closed.