Poetry

उस रास्ते ….

begger

उस रास्ते पर वो रोज जा के बैठ जाता,
कितनी सुबह पता नहीं ..

थपेड़े उसके जिंदगी में ज्यादा होंगे,
हर मौसम उसे सर्द सा लगता है,
हवायें ना बदलती उसके लिये,
हर मौसम वो वही कंबल लपेटे बैठ जाता !

रहनुमा बनने की कोशिश मैं भी करता,
किसी काम से बचे कुछ सिक्के मैं भी,
उसके सामने डाल जाता,
उस रास्ते पर वो रोज जा के बैठ जाता !

वो आम रास्ता कितने लोग गुजरते है,
उसकी कटोरी में पड़े सिक्के से मैं इंसान गिन लेता !

#SK …..

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/

2 thoughts on “उस रास्ते ….”

Comments are closed.