Poetry

नव वर्ष – फिर सजेगी बिसातें !

Prokop-Shipwreck-Titanic

नव वर्ष जैसे बारह खानों में फिर सजेगी बिसातें,
हर दिन की कहानी और किरदारों का रंगमंच !

कुछ कोसते हुए चालें चाली गयी होंगी,
कुछ दंभ टूटा होगा किसी किरदारों का !

कुछ मोहरों ने खींचे होंगे पांव पीछे ;
कुछ मोहरों ने दिखाया होगा जज्बा !

कुछ अफ़सोस हुआ होगा अपनी बाजी का !
तो कहीं अभिमान होगा अपनी राहों का !

ना शिखर पर पर पहुँचा अभी;
कईं चालें और बाजी बची है अभी !

Happy New Year 2014 – नव वर्ष की शुभकामनाएँ – सुजीत

Image Credit: iplayoochess.com

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/