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यायावर ..

हम जब किसी दूसरे शहर में जाते और वहाँ रहने लगते, वहाँ की गलियाँ, वहाँ की रातें, मिलते जुलते लोग, अजनबी रास्तों के साथी और बीता वक़्त एक यादों का समंदर बना देता हमारे अंदर और जब उसको छोड़ जातें वो यादों का शहर हमारे अंदर ही रह जाता इसी भाव से एक कविता ! […]

हम जन-गण-मन को गायेंगे ….

गैस पानी की लाइन में, हम कागज़ लेकर जायेंगे ! मुफ्त की सब्सिडी पाने को, हम कागज़ को दिखायेंगे ! दुष्प्रचार को करने को, मुँह ढक-ढक कर आयेंगे ! मेट्रो-बस जलाने को, अपना अधिकार बतायेँगे ! हर बात पर हर दिन, संविधान को खतरे में बतायेंगे ! थोथी-थोथी बातें कर बुद्धिजीवी कहलायेंगे, देशहित की बातों […]

Indian festival diwali

त्यौहारों का एकाकीपन

त्यौहारों का एकाकीपन – दीवाली ऐसे बड़े पर्व पर बड़े घर और सिमटते परिवार में लोग, पर्व के उल्लास को कम कर रहे । अधिकांश परिवारों में घर के कई सदस्यों का अपने मूल शहर से दूर रहना त्योहारों पर उनका न आ पाना मन को टिस देता है । बचपन से हर साल दीवाली […]

इस शाम में उदासियाँ लपेट मैं ….

इस शाम में उदासियाँ लपेट मैं चुपचाप यूँ ही कहीं .. खामोशियों से लड़ते हुए, थककर बहुत ऊब कर बैठा हूँ … नदी के किनारे कुछ दुर से, बलुवा जमीन पर हवा थिरक कर दिन भर के उमस से गीले हुए बदनों पर टकराकर एक ऐसी ठंडक दे जाती , जैसे गर्म तपते दिन को […]

निर्वाचन कर्तव्य – 2019 (अनुभव नए सफर के)

आज जब लोकसभा चुनाव 2019 पर जनमत की सरकार अपने नए कार्यकाल की नींव रखने जा रही, कुछ अनुभव इस चुनाव के … चुनाव ड्यूटी शब्द जैसे कार्यालय में सनसनी सी फैल जाती कहाँ दिया क्या बनाया कब बुलाया । उसके बाद कुछ लोग जो पूर्व में कई चुनाव करा चुके होते बताते आपको डराने […]

ये कैसी लड़ाई है…

ये कैसी लड़ाई है, ऊँचें आवाज में चीख के, लाल चेहरों से गर्म हाँफती साँसें, थक के दूर जा बैठना, चुप हो के घण्टों बिताना रूठ कर प्लेट को वापस कर देना पानी गटकना और नींद की आगोश में जाना रोज ढलते जाना चेहरों का आधे काले आधे सफेद सारे बाल ; जैसे जल गए हो वो उखड़े […]