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Life in Lockdown – वक़्त अपनों के लिए !

आज जब सब कुछ थम गया है जैसे देखना भूल से गए हो आज कौन सा दिन है रविवार और सोमवार के मायने खत्म से हो गए है और हम लॉक डाउन के हालात से रूबरू है ; इस वैश्विक महामारी में जब वक़्त को एक जगह रोककर हम सब ठहर से गए तो ये […]

है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है ! For #Covid19 Warriors

पुरे विश्व में अनिश्चितताओं का दौर है, इस वैश्विक महामारी ने पुरे विश्व को अपने चपेट में ले लिया, लाखों लोग ग्रसित है और लगभग पूरा विश्व लॉकडाउन स्थिति में है कारोबार, आवागमन सब कुछ बंद पड़ा जैसे जिंदगी ही ठहर गयी हो ! आर्थिक, सामाजिक, मानसिक स्तर पर कितना आघात पहुँचाया है इस आपदा […]

छत यात्रा -#lockdowndays

छत यात्रा #lockdowndays #mobilephotography विस्तृत गंगा कछार का भूभाग, शहर का कंक्रीट जंगल खत्म हो मिल जाती है प्रकृति से जहाँ, अतुल्य भारत के मक्का गेँहू से झूमते खेत । एक ओर विश्वविद्यालय परिसर का रवींद्र भवन भागलपुर प्रवास के दौरान रविन्द्र नाथ टैगोर रविन्द्र भवन में रूके थे और गीतांजलि के कुछ पन्ने यहीं […]

90’s टीवी – #LockDownDays Memoirs

हिंदी सिनेमा जब डीडी नेशनल पर शुक्र शनि और रविवार को आता था, आज उस उत्सवी माहौल का अंदाजा लगाना मुश्किल है । 2 दिन पहले से साईकल पर बैटरी चार्ज के लिए पहुँचाना । बैटरी का चुटा गरम पानी से धो के तैयारी का जायजा ले लिया जाता था । 50 घर पर एक […]

प्रकृति की ओर ..

दूर क्षितिज के एक छोड़ पर नदी किनारे शाम ढलती हुई ऊपर चाँद की दस्तक है ऐसे जैसे ठिठक गया है वक़्त रात और दिन के बीच कहीं इस अनवरत समय चक्र को क्यों किसी ने छेड़ा । क्यों रुका वक़्त का पहिया क्यों थम सी गयी रफ्तार जीवन की । शायद हमने अनदेखा किया […]

fight with covid19

वो सुबह कभी तो आयेगी …

कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा की जिंदगी “Resident Evil” जैसी हो जाएगी । T- virus या Corona हम इंसान शायद जानते थे ऐसा कुछ हो सकता है, आज चलचित्र की कल्पना यतार्थ हो काल के समान मुँह बाये है । ऐसा लगता हम मानव ने ही मानवता की सबसे बड़ी हानि की है […]