Poetry

स्नेह भी कभी मरता क्या ?

Cute-Friendship-Love

स्नेह भी कभी मरता क्या,
फासलों से ये खामोश पड़ जाता,
कुछ बातों से आँखों में तर हो जाता !

बेजान बेजार ही रह ये जाता मन में,
सोचता फिक्र करता वक्त बेवक्त,
स्नेह भी कभी मरता क्या !

कोशिश करता अलग थलग रहने की,
फिर निश्छल आँखों को मायूस कर लौट आता;
स्नेह भी कभी मरता क्या !

अपने स्नेह के बदले ये कुछ स्नेह ही चाहता,
कितने ही शिकायतों से निष्प्राण बनता हुआ;
स्नेह भी कभी मरता क्या !

मौन सफर पर पथिकों को अलविदा कहता हुआ;
धीमी धीमी सी हँसी चुपचाप सा बिखेरता;
इस सफर में छुटे हर साथी एक स्नेह रखना !

स्नेह कभी नहीं मरता .. कभी नहीं !!

#Sujit

 

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/