Poetry

जीवन अनंत है इन दो ध्रुवों के बीच !

magnetosphere

इन बारह मासों में सूरज को को देखा आते जाते,
दो ध्रुवों के बीच की सतत यात्रा का जीवन !

ऐसे ही जैसे किसी ध्रुव से कभी शुरू हुआ अपना सफर,
मासों में नहीं वर्षों में विषुवत् की ओर चलता हुआ !

बड़ी तीक्ष्ण किरणें पड़ती हुई यहाँ,
खींच गयी रेखा दो फाँकों में काटती,
और रुकना सम्भव ना हुआ अब यहाँ !

चल पड़ा सूरज की तरह फिर,
किसी दूसरे ध्रुव की ओर सफर पर !

अब फिर जैसे करीब थे इस भूमध्य पर,
अब छूटता हुआ सब वैसे ही पीछे,
शनैः शनैः विदा होता हुआ सबसे !

कर्क से मकर की ओर जीवन चलता हुआ,
अब सब भूलता हुआ फिर उसी तरह बढ़ता,
जीवन अनंत है इन दो ध्रुवों के बीच !

#SK

About Poem : Journey of Life Compared to Movement of Sun between South Poles & North Poles, which bring season change same our life goes towards in this style of happiness vs sorrow these are two poles of life.

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/

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