Poetry

आहट सी तेरी ..


ना खता जतायी ..
ना खबर बताई ..
ये इरादा चुप रहने का ..
उम्मीदों पर बोझ बन रहा !

किश्तों किश्तों में ढूंढता,
कहीं यादें कम ना पर जाये,
तेरे लौट आने तक !

रंग रंगीली झूठी दुनिया..
खो जाने कि कोशिश करते,
पर झूठी लगती हर रंगरलियाँ,

जब बातें बेमानी सी हो जाती,
एक तलक फिर दूर कहीं से,
वही आवाज़ सी आती …

मन को मन से बहलाते
मन फिर भी कहाँ चैन है पाते !

कदमो की आहट कभी खटकती,
ख्वाब रातो से बात है करती ..

गमगीन गलियों में गुजर जाती,
हर रात..बस एक इन्तेजार में !

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/