hindi poem on holi color
Poetry

तुम आते तो रंग चढ़ता थोड़ा ……

कुछ सादा फीका फाल्गुन था,
तुम आते तो रंग चढ़ता थोड़ा,
कुछ नीला पीला गालों पर,
बालों से कुछ रंग झरता तेरा !

ऐसे तो हरपल यादों में रंगता,
साथ तेरे संग मन रंगता थोड़ा,
ख़ामोशी में डूबा धुँधला सा चेहरा,
रंगीन लगता तेरा चेहरा सुनहरा !

हाथ सने वो रंगरेज़ जो था,
रंगता ही रहा ताउम्र एक चेहरा,
रंगो में बीता पूरा ये जीवन,
तुम आते तो रंग चढ़ता थोड़ा !

रंग देता आसमां, चाँद और तारे भी,
बस तुम आते तो रंग चढ़ता थोड़ा !

#SK

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

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