Two_Liners From Sujit
Poetry Two Liners

#SK – Two Liners – I

अब कोई नज़्म नहीं लिखूँगा तुमपर
देखों ये तुमने क्या कर दिया
तुम्हारी नज़्म सा ही हो गया हूँ !!
#‎Randomthoughts‬

‪#‎randomthoughts‬

वहम था उन चेहरों का हँसना,
यकीन यूँ ही नहीं उठता किसी से ।
‪#‎पागलदुनिया‬

‪#‎पागलदुनिया‬

कोई हर रोज, घंटों सामने बैठ के जाता,
ख़ामोशी मुझसे उसका ताल्लुक पूछती है ।
#‎पागलदुनिया‬


Two_Liners

नजाने कितने लम्हें बीते थे बेशक्ल को एक शक्ल देने में,
अब वो बेजुबान बिना चेहरे के फिर से बुत सा बन बैठा है ।

#‎पागलदुनिया‬

PagalDuniya

ढूँढ लो रकीब का चेहरा ;
आज यहाँ सबने ही नकाब खोले है ।
#‎पागलदुनिया‬

Insta Poetry

कहाँ जाये तुझे छोड़ के ए हमसफर ;
जब सब राहें एक सी तो,
क्यों हम गुमसुम हो चले !!
#SK

Short Poem Hindi

कभी कभी नफरत में भी जल जाओ ..
रिश्तों का झूठा लिबास तो खाक होगा !!

#NightPen … #SK

Image Poetry Hindi

इन रास्तों पर वक़्त के कई सितम से तराशा गया हूँ ;
ख़ामोशी इन्तेजार ये कुछ ठिकाने हुआ करते थे ।

#Random #Thoughts

लघु कविता

Two liners and short poems are instant random emotions comes in mind, Feel free to share in social media.

Thanks – #Sujit

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/

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