storm in night
Poetry

तूफान ….

storm in nightतूफान जो उठने वाला है यहाँ,
ओढ़ ली है फ़िज़ा ने ख़ामोशी,
चाँद ने थोड़ा सरका लिया,
घूँघट अपना बादलों की ओट में !

कोई हलचल नहीं है किधर भी,
पेड़ के सब पत्ते स्तब्ध है परे,
जैसे ओढ़ ली है चुप्पी सबने,
तूफान जो उठने वाला है यहाँ !

पूरा आसमां भर गया है,
आशंकाओं के बादलों से,
बरस पड़ेगी खुद ही जैसे,
कोई पूछ ले कुछ सवाल तो !

कुछ ऐसी ही तो उठती है,
द्वन्द मन में कभी कभी,
ऐसी ही उदासी छाती है,
तूफान जो उठने वाला है यहाँ !

#Sujit

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/

3 thoughts on “तूफान ….

  1. सुन्दर प्रस्तुति !
    आज आपके ब्लॉग पर आकर काफी अच्छा लगा अप्पकी रचनाओ को पढ़कर , और एक अच्छे ब्लॉग फॉलो करने का अवसर मिला !

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