Poetry

ये मौन रिश्ता ….

life_is_for_living_by_alexsky0-d3n5mtw

ये मौन रिश्ता ..कैसा ?
जो अब कभी बयाँ ना होगा,
जो सुना नहीं जा सकता..
या मौन जिसके शोर में,
बहुत कुछ स्तब्ध सा हो गया !

एक मौन अनुमति इन शब्दों को भी है,
खो जाये कहीं, चले जाये कहीं;
जहाँ इन्हें पनाह मिल जाये !

एक मौन सहमति मान चुका,
यतार्थ है क्या जान चुका !

ये मौन सभी बंदिशों से निकलता,
आगे अनंत की और जा रहा .. कैसा ?
वो अनंत ज्ञात नहीं है ..
क्या कोई प्रकाश पुंज होगा,
पर ये मौन हर विवशताओं को तोड़ रहा !

क्या क्षमा .. और क्या ग्लानि,
ना ही कोई संदेह इस मौन में,
ये मौन रिश्ता..
बस कुछ शब्द देना कभी इसे,
ये जीवंत हो जायेगा !

#SK 

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/