memories of year
Poetry

इस बरस की क्या क्या सौगात है … Memories never die !

memories of yearदुआ लब्जों में समेटे,
दिल में कई जस्बात है !

ना रूबरू हो सके कभी,
इस सफर में ना कोई पास है !

कुछ शर्त ना थी साथ आने की,
ना अजनबी होने की कोई बात है !

ना कुछ अकेले में गुफ्तगू हुई कभी,
अब क्या बताये क्या राज की बात है !

आइना देख टुटा लगा हमें तेरा चेहरा,
चैन ना हुआ एकपल क्या मेरे जस्बात है !

कुछ वहम था वो जो टूट गया,
लौटी ख़ुशी ऐसे ही तू साथ है !

बीता जो वक़्त वो यादों का मौसम था,
जाने इस बरस की क्या क्या सौगात है !

This Year, Holidays may end, But the Memories won’t… #SK

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/