Poetry

सुर्ख रंग – Inbox Love 6

चारों ओर रंग सराबोर था ;
नाउम्मीद नजर इनबॉक्स पर ही टिकी थी ;
पहल मैंने भी तो नहीं की ..
तो तुमसे नाराजगी कैसी ?
यूँ ही कई रंगों के बीच पूरा दिन ऐसे ही गुजरा ;
या बिना रंगों के ही गुजरा क्या पता !
याद आया पुराने इनबॉक्स में एक बात रखी थी वैसे ही रंगों में भीगा ;
कितने रंग थे वहां कैनवास था मेरे यादों का ;
“सबसे अलग सुर्ख रंग है इसमें तेरी दोस्ती का ” ;
वो सुबह से टीवी पर गाना बज रहा रहा था ;
“होली के दिन दिल खिल जाते है दुशमन भी .. ”

दिन ढलता गया ; बिना किसी संवाद के होली का रंग हाँ हाँ फीका फागुन ;
हाथ बरबस ही मोबाइल की तरफ ;
हाँ वक़्त और मायने बदल गये लेकिन मैं उसी तरह फिर
वही सम्बोधन के साथ .. पता है हमेशा की तरह जैसे ;
” ____
मे गॉड गिफ्ट यू आल द कलर्स आफ लाइफ,
कलर्स ऑफ़ जॉय, कलर्स ऑफ़ हैप्पीनेस, कलर्स ऑफ फ्रेंडशिप … (थोड़ा मन ठिठक सा गया फिर )
कलर्स ऑफ़ लव एंड आल द कलर्स यू वांट टू पेंट इन योर लाइफ। 🙂 ”
अपना ख्याल रखना और पूर्णविराम के पहले हँसी बिखेरनी वाली स्माइली भी एक ही आज लगाई !

मैसेज को बहुत देर तक देखता रहा जाते हुए .. जैसे वो मेरी गिरफ्त को ढीली कर रहे और कहीं जाते जा रहे !!

inbox-love-holi-color

Inbox Love Bring By – Sujit

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/