conflicts of thoughts

तेरे नाम की बगावत में …

conflicts of thoughtsनफरतों में शामिल तुम हो नहीं सकते ;
मोहब्बत और नफरत के बीच किसी रस्ते पर,
तुम अब भी रहते हो !!

नदी के दो किनारे जैसे,
उचक उचक कर बस देखते,
बीच में लहरों ने कुछ ओझल सा कर रखा है !

मेरे अंदर का मैं,
मुझसे ही लड़ता है,
तेरे नाम की बगावत में,
घंटो उलझे रहते है दोनों !

एक नफरत की नुमाइंदगी करता,
एक उसे जी भर समझाता,
एक मन के अंदर दो मन,
बड़ी कश्मकश में जीते है दोनों !

#Sujit

Post Author: Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज