rain childhood
Poetry

बचपन और बादल

rain childhoodजब भी बादल छाता है
मेरा बचपन लौट जाता है ;
वो कागज की नाव,
वो छोटी सी छतरी ,
भीगे से जुते,
बारिश में खेल,
वो गिरना फिसलना ,
गंदे से कपड़े ,
बिगड़ी सी सूरत,
माँ की फटकार,
फिर थोड़ा सा प्यार,

बस उम्र बढ़ी थोड़ी ,
ये बचपन और बादल ;
कुछ भी न बदला … #SK

Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/