सियासत ए राजधानी …

दिल्ली जहाँ सियासत कभी खत्म नहीं होती ! हर सुबह कई वादों की सौगात लेके आती ; तो शाम बिखरे वादों पर कहकहे लगाती ढल जाती ! राजनीती शास्त्र भी Read More …

@ 1 PM – Garden of Joy !! (Photography)

गिलहरी .. चुपके से पैरों के आसपास आके ; कौतुहल सी करती ।। छोटे छोटे हाथों में मूँगफली को भरती; थोड़ी आहट पर डरती हुई ; फिर चुपके से फिर Read More …