Poetry

कुछ बातें – Some More Words

तुमसे यूँ चुप सा बोलता हूँ मैं ;
मेरी कहीं सारी यादें ना छलक जाये !

देखो मैंने छोर दिया किस्सा अधूरा आज;
क्योंकि कल जो फिर तुम्हें आना होगा यहीं !

लिखने को कुछ यादें फिर इन सुबह की,
और वो सारी बातें गुजरती शाम वाली !

ऐसे तो जाने वाले मुसाफिर ही समझ लो,
हक जता के रोक रखा है उस सफर से मुझे !

कौन जाने उस दिन का मंजर,
फिर से एक ख्वाब ही तो टूटेगा,
यादों के कारवाँ की कौन करता फिकर !

#SK – Again Words And Thoughts of a DAY !!

Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky – मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . “यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : – सुजीत भारद्वाज

http://www.sujitkumar.in/