कुछ पूछा होता – Sometimes I feel ?

सहूलियत से हर दफा किस्सा छेरते,
कभी कशमकश में हाल पूछा होता !किस कदर अब ना कोई हँसता है,
बस सवाल की गहराहियों में दफ्न हो,
क्या कुछ सोचता है अब !

ना जाना कभी ना पूछा कभी,
दबे पावं झाँक के जाते तो रोज देखा,
कभी दौड़ के आते रोक के देखा होता !

शामिल है हर ख़ुशी में तेरे जो,
उसकी खुशी खो जाने का सवाल पूछा होता !

आहटों में बहल जाने का लगन है उसे,
नयनों में एक दिन तेरे आ जाने का चमक,
उस तरस को कभी एक पल तो सोचा होता !

यूँ तो सुबह हो ही जाती किसी खातिर,
कितनी पहर बीत जाती किसी खाली रातों में,

सहूलियत से हर दफा किस्सा छेरते,
कभी कशमकश में हाल पूछा होता !

□■ SK ■□

Post Author: Sujit Kumar Lucky

Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज

2 thoughts on “कुछ पूछा होता – Sometimes I feel ?

    bhawna

    (November 15, 2013 - 5:20 pm)

    jawaab nahin hote kabhi

    Sujit Kumar Lucky

    (November 17, 2013 - 4:27 pm)

    silently hmare pas answer hote but hum convey nhi krte !!!

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