Poetry

एक सुबह कुछ ऐसे .. ! Bird, Butterfly & Morning

चाँद की पंखुरियाँ सिमट गयी,
हरी पत्तियां और कोपले,
निकले अपने खोले आँखे,
देखो छोटे छोटे चिड़यों के बच्चे,
उनके कलरव तुझसे ही मिलते है,
आके जरा देखो तो उन्हें,
जो आ गयी है तेरी मुंडेरों पर !

सीढ़ियों से उतरते एक सुबह,
एक अहसास में कमी सी लगी,
शायद तेरे पेरों में आज पायल नही थे,
ये आँगन तो राह बिछाये थे,
हर सुबह हो तेरे कदमों की आहट,
वो पायल की झंकार उसके कानों पर परे !

तितलियों से नन्हें पाँव तेरे,
घरोंदे देहलीजों से होते हुए,
रंगबिरंगी सी इस मुस्कुराती,
सुबह को क्या नाम दे ?

Sujit
Sujit Kumar Lucky
Sujit Kumar Lucky - मेरी जन्मभूमी पतीत पावनी गंगा के पावन कछार पर अवश्थित शहर भागलपुर(बिहार ) .. अंग प्रदेश की भागीरथी से कालिंदी तट तक के सफर के बाद वर्तमान कर्मभूमि भागलपुर बिहार ! पेशे से डिजिटल मार्केटिंग प्रोफेशनल.. अपने विचारों में खोया रहने वाला एक सीधा संवेदनशील व्यक्ति हूँ. बस बहुरंगी जिन्दगी की कुछ रंगों को समेटे टूटे फूटे शब्दों में लिखता हूँ . "यादें ही यादें जुड़ती जा रही, हर रोज एक नया जिन्दगी का फलसफा, पीछे देखा तो एक कारवां सा बन गया ! : - सुजीत भारद्वाज
http://www.sujitkumar.in/