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एक सुबह कुछ ऐसे .. ! Bird, Butterfly & Morning

चाँद की पंखुरियाँ सिमट गयी,हरी पत्तियां और कोपले,निकले अपने खोले आँखे,देखो छोटे छोटे चिड़यों के बच्चे,उनके कलरव तुझसे ही मिलते है,आके जरा देखो तो उन्हें,जो आ गयी है तेरी मुंडेरों पर ! सीढ़ियों से उतरते एक सुबह,एक अहसास में कमी सी लगी,शायद तेरे पेरों में आज पायल नही थे,ये आँगन तो राह बिछाये थे,हर सुबह […]

सुबह को ये गुमां था

आज की सुबह को ये गुमां था , कोई उसे भी देख मुस्कुराता नजरे झुकाए ! चुप सा रह जाता ..ये सोच ये तो अल्हर फिजाए है जो भर देता उसे हर रोज, ये बातें भी महकती हवा सी है, बावरी हो उठती, और ले जाती कहीं दूर सी, और सुबह का ये गुमां, टूटता […]