Summer - Eco Tourism
Random Thoughts Thoughts

गर्मियाँ – बच्चों का इको टूरिज्म !

शायद मैं या मेरे समकक्ष उम्र के लोग उस पीढ़ी से आते है जिसने लालटेन के नीचे शाम को पैर हाथ धो के गोल घेरे में सामूहिक पढ़ाई की होगी । क्रमशः इसके बाद कि पीढ़ी बदल गयी सम्भवतः वो कभी लालटेन में नहीं पढ़ेंगे । जिन्दगी के अनेकों ऐसे आयमों को वो किस्से कहानियों […]

Poetry

A Sunday of Summer

अम्बर की ये तीखी किरणे,धरा लगी ऊष्मा को सहने,नदियाँ लगी उथले हो बहने ! शुष्क जमीं सब सूखा झरना,लगा पतझर में पत्तों का गिरना ! सड़क सुनी, गलियाँ भी खाली,इतवारी दिन लगती है सवाली ! धुल हवा के भरे थपेरे,मन बेचैन जैसे हुए सवेरे ! तब लंबी छुट्टी गाँव बुलाती,याद बचपन की ऐसे वो आती […]